BREAKING : पटना में पुलिस एनकाउंटर में 3 कथित शूटर ढेर, 20 मिनट तक चली मुठभेड़; SHO को भी लगी गोली, अस्पताल में परिजनों का हंगामा
बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार, 6 नवंबर की सुबह पुलिस और कथित अपराधियों के बीच भीषण मुठभेड़ हो गई। मनेर थाना क्षेत्र के शेरपुर गंगा घाट के पास हुई इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि मनेर थाने के SHO रजनीश कुमार घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, दोनों तरफ से करीब 20 मिनट तक गोलीबारी हुई। इस दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर 24 राउंड फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने 18 राउंड गोलियां चलाईं।
सुबह करीब 4:30 बजे शुरू हुई मुठभेड़
पटना पुलिस के अनुसार, शुक्रवार तड़के शेरपुर गंगा घाट के पास पुलिस और STF की टीम अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस का सामना तीन कथित अपराधियों से हो गया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने टीम को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की।
मुठभेड़ में राजा शर्मा उर्फ सूरज कुमार, बबलू कुमार और जेपी यादव घायल हो गए। पुलिस उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। गोलीबारी के दौरान मनेर थाना प्रभारी रजनीश कुमार की बांह में भी गोली लगी। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस ने बरामद किए हथियार
पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा के मुताबिक, मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से हथियार और कारतूस के खोखे बरामद किए गए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, पुलिस को मौके से देशी पिस्टल और कट्टे मिले हैं। मामले की जांच के लिए FSL की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
पुलिस का दावा है कि मारे गए तीनों लोगों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे हत्या सहित कई मामलों में वांछित थे। पुलिस के अनुसार, तीनों का संबंध मनेर में हुए पैक्स अध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ भोलू हत्याकांड से भी था। हालांकि, इस मामले में परिजनों ने पुलिस के दावों पर सवाल उठाए हैं।
अस्पताल में परिजनों का हंगामा, पुलिस से हुई झड़प
मुठभेड़ के बाद तीनों के शव दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल लाए गए। यहां मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पहुंच गए। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हंगामे के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई की स्थिति बन गई। कुछ लोगों ने पथराव किया और वाहनों के शीशे तोड़ दिए। अस्पताल परिसर में तनाव बढ़ने के बाद अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाने और हालात नियंत्रित करने की कोशिश की।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जिन मामलों में तीनों को आरोपी बताया है, उनमें उनके नाम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मीसा भारती अस्पताल पहुंचीं, कार्रवाई पर उठाए सवाल
हंगामे की जानकारी मिलने के बाद राजद सांसद मीसा भारती भी दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उनकी बातें सुनीं।
मीसा भारती ने कहा कि अपराध के खिलाफ कार्रवाई जरूर होनी चाहिए, लेकिन हर कार्रवाई कानून के दायरे में होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता और किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई जाति या धर्म के आधार पर नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांति बनाए रखने और पहले पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने देने की अपील की। उनका कहना था कि यदि परिजनों को पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति है तो वे शिकायत और FIR के जरिए कानूनी रास्ता अपना सकते हैं।
तीन डॉक्टरों का पैनल करेगा पोस्टमॉर्टम, होगी वीडियोग्राफी
कई घंटों तक चले विरोध के कारण शवों का पोस्टमॉर्टम नहीं हो पाया। बाद में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष प्रक्रिया का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के अनुसार, तीन डॉक्टरों का पैनल पोस्टमॉर्टम करेगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
इसके बाद तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए पटना AIIMS भेजने की जानकारी दी गई। प्रशासन की ओर से यह भी कहा गया कि पोस्टमॉर्टम के दौरान परिजनों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी।
अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पर टिकी नजरें
पटना की इस मुठभेड़ के बाद पुलिस की कार्रवाई और परिजनों के आरोपों को लेकर मामला चर्चा में है। एक तरफ पुलिस तीनों को आपराधिक मामलों में वांछित और पेशेवर शूटर बता रही है, वहीं दूसरी तरफ परिजन मुठभेड़ की परिस्थितियों पर सवाल उठा रहे हैं।
अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और जांच के नतीजे अहम होंगे। इन्हीं से गोली लगने की परिस्थितियों और मुठभेड़ से जुड़े कई सवालों पर स्पष्टता आने की उम्मीद है।

