ब्रज की परंपरा और आस्था का सम्मान करते हुए होगा ब्रजमंडल का समग्र विकास : सीएम योगी
वृंदावन, 7 मार्च (आईएएनएस )। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ब्रज क्षेत्र भारत की आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां की परम्परा और श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए ब्रज क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि तीर्थ स्थलों के संरक्षण के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, आधारभूत ढांचे के विकास और सांस्कृतिक विरासत के संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ब्रज क्षेत्र की पहचान और अधिक सुदृढ़ हो तथा यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
सीएम योगी आदित्यनाथ शनिवार को उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की आठवीं बोर्ड बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में लगभग 300 करोड़ रुपए के कार्यों को अनुमोदित किया गया। बैठक में ब्रज क्षेत्र के समग्र विकास, तीर्थ स्थलों के संरक्षण तथा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के विस्तार से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
वृंदावन में गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी परिसर स्थित यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्रीय कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में इस मथुरा-वृंदावन रेल मार्ग के 11.80 किलोमीटर लंबे ट्रैक को फोरलेन मार्ग में विकसित करने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई।
इस संबंध में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग, ब्रज तीर्थ विकास परिषद तथा जिला प्रशासन को रेलवे विभाग से समन्वय स्थापित कर भूमि अथवा भूमि मूल्य से संबंधित आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने पॉड रैपिड ट्रांजिट सिस्टम की व्यवहारिकता का अध्ययन कराने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने ब्रज की प्रसिद्ध 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए संबंधित विभागों को कार्ययोजना तेजी से लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में गोवर्धन, मथुरा और वृंदावन में पार्किंग, टीपीओ तथा अन्य जनसुविधाओं को विकसित करने के लिए चिन्हित भूमि पर पीपीपी मॉडल के तहत कार्य कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए गए।
सीएम ने ब्रज क्षेत्र में 36 वनों के इको रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए आगामी वर्षा ऋतु में वन महोत्सव के दौरान व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस अभियान में जल संरक्षण, खारे पानी के उपचार तथा जनसहभागिता को भी शामिल करने पर बल दिया।
बैठक में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत विकसित होने वाली हेरिटेज सिटी पर भी चर्चा हुई। इस दौरान यमुना रिवर फ्रंट परियोजना के अंतर्गत मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर पीपीपी मॉडल पर क्रूज और नौका संचालन शुरू करने की योजना पर भी सहमति बनी। साथ ही गोवर्धन स्थित पारसौली में सूरदास ब्रज अकादमी के संचालन के लिए आवश्यक कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
परिषद की वर्ष 2025-26 की कार्ययोजना में प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए बजट स्वीकृत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि परिषद द्वारा अनुमोदित परियोजनाओं के बजट में किसी प्रकार की कटौती न की जाए और उन्हें शीघ्र धरातल पर उतारा जाए। नगर निकायों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। जल निगम और नगर निगम द्वारा एसटीपी, एसपीएस तथा पंपिंग स्टेशन के निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा कर यमुना नदी में प्रदूषण कम करने के निर्देश भी दिए गए।
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से विभिन्न विभागों को निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए तथा मथुरा, वृंदावन सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने डोनेशन मैनेजमेंट डिजिटल सिस्टम का शुभारंभ किया। बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णयों के अनुसार मथुरा-वृंदावन रेल ट्रैक के स्थान पर 11.80 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग विकसित करने की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। ब्रज की 84 कोस परिक्रमा मार्ग के विकास के लिए लोक निर्माण विभाग और धर्मार्थ कार्य विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।
मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन में पार्किंग तथा अन्य जनसुविधाओं का विकास पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा। यमुना नदी में मथुरा से वृंदावन के बीच जलमार्ग विकसित कर क्रूज और नौका संचालन की योजना को भी आगे बढ़ाया जाएगा।
इसके साथ ही ब्रज क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए 36 वनों के इको रेस्टोरेशन और व्यापक वृक्षारोपण अभियान को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा छाता क्षेत्र के ग्राम अजीजपुर में प्रस्तावित वाटर म्यूजियम के लिए चिन्हित भूमि को सिंचाई विभाग से परिषद को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कराई जाएगी।
--आईएएनएस
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