Samachar Nama
×

ब्राह्मी दूध: नींद और याददाश्त को करना है बेहतर, रोज करें गुणों से भरपूर ब्राह्मी का इस तरीके से सेवन

नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद में सदियों से प्रकृति की गोद से मिली जड़ी-बूटियों के सहारे रोग से निजात पाने का काम किया जा रहा है।
ब्राह्मी दूध: नींद और याददाश्त को करना है बेहतर, रोज करें गुणों से भरपूर ब्राह्मी का इस तरीके से सेवन

नई दिल्ली, 20 मार्च (आईएएनएस)। आयुर्वेद में सदियों से प्रकृति की गोद से मिली जड़ी-बूटियों के सहारे रोग से निजात पाने का काम किया जा रहा है।

हमारी प्रकृति की गहराई में कई ऐसी संजीवनी-बूटी छिपी हैं, जो एक साथ कई रोगों का नाश कर सकती हैं। ऐसी ही एक जड़ी-बूटी है ब्राह्मी। ब्राह्मी एक प्रकार का पौधा है, जो पूरे भारत में पाया जाता है। भारत में यह आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा सदियों से इस्तेमाल की जा रही है; इसकी पहचान यह है कि इसकी एक टहनी में कई सारे पत्ते होते हैं।

ब्राह्मी के सेवन के कई फायदे शरीर को मिलते हैं। यह मानसिक तनाव को कम करता है, याददाश्त को तेज करता है, मंद पाचन को ठीक करता है, और खून साफ करके त्वचा को बेहतर करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्राह्मी का दूध शरीर को मिलने वाले फायदों को दोगुना कर देता है?

आज के समय में सुकून भरी नींद पाना बहुत मुश्किल है। तनाव और भागदौड़ भरी जिंदगी की वजह से नींद बाधित होती है। नींद बाधित होने की वजह से पूरा शरीर कमजोर और बेजान महसूस करता है। चेहरे पर नींद की कमी का सबसे ज्यादा असर दिखता है, ऐसे में नींद को संतुलित करना सबसे ज्यादा जरूरी है। इन सब परेशानियों से ब्राह्मी का दूध राहत दिला सकता है।

इसके लिए एक गिलास दूध को गर्म करें और उसमें ब्राह्मी का चूर्ण मिलाएं। इसके साथ ही तनाव को कम करने और स्वाद को बढ़ाने के लिए इलायची भी मिला सकते हैं। इसे रात में सोने से 1 घंटा पहले लें और कुछ देर टहलें। यह चमत्कारी दूध नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है।

आयुर्वेद के अनुसार ब्राह्मी दूध एक प्राकृतिक या शक्तिशाली समाधान है, जो मन को शांत करता है और गहरी नींद देता है। ब्राह्मी को आयुर्वेद में मस्तिष्क को ताकत देने वाली संजीवनी कहा जाता है। यह मस्तिष्क को शांत करती है, जिससे अनिद्रा से राहत मिलती है; तंत्रिका तंत्र को आराम देकर चिंता को नियंत्रित किया जाता है, मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में सुधार लाने में मदद करता है; ध्यान केंद्रित करता है और एकाग्रता को बढ़ाता है। इसके साथ ही ज़्यादा थकान महसूस होने पर इस दूध का सेवन कर सकते हैं।

इस दूध का सेवन बच्चों से लेकर बड़े तक कर सकते हैं, लेकिन गर्भवती महिलाओं को सेवन से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

--आईएएनएस

पीएस/एएस

Share this story

Tags