बीपी चेक करते समय कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां? जानिए सही तरीका
नई दिल्ली, 7 सितंबर (आईएएनएस)। हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) ऐसी समस्या है, जो अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर में बढ़ती रहती है। यही वजह है कि कई लोग लंबे समय तक इससे अनजान रहते हैं। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर दिल की बीमारी, स्ट्रोक, आंखों की रोशनी से जुड़ी समस्याओं और डिमेंशिया जैसी गंभीर जटिलताओं का खतरा बढ़ा सकता है। ऐसे में समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करना बेहद जरूरी है। लेकिन बीपी चेक करते समय कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए वर्ना रीडिंग गलत भी हो सकती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया है कि बीपी मापते समय सबसे पहले सही तरीके से बैठना जरूरी है। कुर्सी पर बैठें और अपनी पीठ को अच्छी तरह सहारा दें। दोनों पैर जमीन पर सीधे रखें और पैरों को क्रॉस करके न बैठें। जिस हाथ में बीपी कफ लगाया जा रहा है, उसे किसी टेबल या सपोर्ट पर आराम से रखें। हाथ की स्थिति ऐसी होनी चाहिए कि कफ दिल के स्तर पर रहे।
बीपी चेक करने से पहले कम से कम 5 मिनट आराम करना चाहिए। जल्दबाजी में या चलते-फिरते तुरंत बीपी नापने से रीडिंग प्रभावित हो सकती है। इसी तरह जांच के दौरान बात करने से भी बचना चाहिए। अगर एक से ज्यादा रीडिंग ली जा रही है, तो माप के बीच भी शांत रहें और बातचीत न करें।
ब्लड प्रेशर की सही रीडिंग के लिए यह भी जरूरी है कि जांच से कम से कम 30 मिनट पहले एक्सरसाइज, चाय-कॉफी और धूम्रपान से बचें। इन चीजों का असर ब्लड प्रेशर पर पड़ सकता है और रीडिंग सामान्य से अलग आ सकती है।
एक और आम गलती है गलत आकार का कफ इस्तेमाल करना। बीपी मशीन के कफ अलग-अलग आकार में आते हैं, इसलिए व्यक्ति के ऊपरी बांह के अनुसार सही कफ चुनना जरूरी है। कफ इतना बड़ा होना चाहिए कि उसकी लंबाई बांह की परिधि की कम से कम 80 प्रतिशत और चौड़ाई कम से कम 40 प्रतिशत हो।
कफ को नंगे हाथ या कपड़ों की बहुत पतली परत के ऊपर लगाया जा सकता है। कपड़े को मोड़कर उसके ऊपर कफ लगाने से बचें, क्योंकि इससे रीडिंग प्रभावित हो सकती है।
बीपी की रीडिंग लेते समय मशीन पर दिखाई देने वाली सटीक संख्या दर्ज करें और उसे अपनी सुविधा के लिए ऊपर-नीचे करके राउंड न करें। 18 साल या उससे अधिक उम्र के सभी वयस्कों के लिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच महत्वपूर्ण है।
--आईएएनएस
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