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बोकारो में छात्रा हत्याकांड में थाना प्रभारी समेत 28 पुलिसकर्मी निलंबित, 8 महीने बाद जंगल से मिला कंकाल

बोकारो, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड के बोकारो जिले में आठ महीने से लापता 18 वर्षीय छात्रा पुष्पा कुमारी महतो की हत्या का खुलासा होने के बाद एसपी ने संबंधित पिंड्राजोरा थाना के सभी 28 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
बोकारो में छात्रा हत्याकांड में थाना प्रभारी समेत 28 पुलिसकर्मी निलंबित, 8 महीने बाद जंगल से मिला कंकाल

बोकारो, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। झारखंड के बोकारो जिले में आठ महीने से लापता 18 वर्षीय छात्रा पुष्पा कुमारी महतो की हत्या का खुलासा होने के बाद एसपी ने संबंधित पिंड्राजोरा थाना के सभी 28 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

सस्पेंड होने वालों में 10 सब-इंस्पेक्टर, 5 एएसआई, 2 हवलदार और 11 सिपाही शामिल हैं। इस थाने की पुलिस पर पुष्पा महतो के अपहरण और हत्या के मामले में जांच को भटकाने और आरोपियों को फायदा पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं। पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र की निवासी रेखा देवी ने अगस्त 2025 में अपनी बेटी कुमारी पुष्पा महतो के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। महीनों बाद भी जब पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो रेखा देवी ने झारखंड हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की।

हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले को बेहद गंभीर मानते हुए पिछले हफ्ते एसपी से लेकर राज्य के डीजीपी तक को तलब किया। कोर्ट ने पूरे मामले में लापरवाही के लिए एसपी को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद बोकारो एसपी हरविंदर सिंह के निर्देश पर सिटी डीएसपी के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। एसआईटी ने जांच शुरू की तो महज दो दिन में पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा हुआ।

तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों के आधार पर पुलिस को पता चला कि युवती का संपर्क दिनेश कुमार महतो नामक युवक से था। पुलिस ने दिनेश को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि युवती उस पर शादी का दबाव बना रही थी। इसी से परेशान होकर उसने 21 जुलाई 2025 को उसे बहाने से सुनसान स्थान पर ले जाकर चाकू से हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया।

शनिवार को आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से मृतका के कंकाल के अवशेष बरामद किए। इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त चाकू, घटना के समय पहने गए कपड़े, चार मोबाइल फोन तथा अन्य साक्ष्य बरामद किए। पुलिस ने कंकाल का डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। एसपी द्वारा गठित एसआईटी की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि स्थानीय पुलिस ने न केवल अनुसंधान में कोताही बरती, बल्कि आरोपी को बचाने की कोशिश की।

सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा आरोपी को संरक्षण देने के बदले पैसे के लेन-देन के संकेत भी मिले हैं, जिसके बाद एक साथ 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएम

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