Samachar Nama
×

ब्लड प्रेशर नियंत्रित कर एनीमिया दूर करती है दूर्वा, सेवन से मिलते कई लाभ

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। विघ्न विनाशन भगवान गणेश की पूजा में कोमल हरी दूर्वा (दूब घास) अर्पित किए बिना अधूरी समझी जाती है। यह सामान्य सी दिखने वाली घास औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। दूर्वा में कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, फाइबर, प्रोटीन और पोटैशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व भरपूर होते हैं, जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से राहत प्रदान करने में सहायक हैं।
ब्लड प्रेशर नियंत्रित कर एनीमिया दूर करती है दूर्वा, सेवन से मिलते कई लाभ

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। विघ्न विनाशन भगवान गणेश की पूजा में कोमल हरी दूर्वा (दूब घास) अर्पित किए बिना अधूरी समझी जाती है। यह सामान्य सी दिखने वाली घास औषधीय गुणों से भरपूर मानी जाती है। दूर्वा में कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, फाइबर, प्रोटीन और पोटैशियम जैसे आवश्यक पोषक तत्व भरपूर होते हैं, जो विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से राहत प्रदान करने में सहायक हैं।

आयुर्वेद में दूर्वा को गुणों की खान कहा जाता है। यह पेट के रोगों से लेकर मानसिक शांति प्रदान करने में फायदेमंद है। दूर्वा का रस पीने से एनीमिया की समस्या दूर हो सकती है, क्योंकि यह हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाता है और रक्त शुद्ध करता है। दूर्वा पर नंगे पांव चलने के फायदे भी हैं।

सुबह-शाम हरी दूब पर टहलने से माइग्रेन का दर्द कम होता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है, तनाव दूर होता है, और आंखों की रोशनी बढ़ती है। यह हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि पार्क या बगीचे में मिलने वाली यह घास शरीर को राहत प्रदान करती है।

ताजी दूर्वा को धोकर पीस लें और इसका रस निकालकर पीएं। इससे इम्यूनिटी मजबूत होती है, महिलाओं को पीरियड्स के दर्द में राहत मिलती है, और कब्ज की समस्या दूर हो जाती है। माइग्रेन या सिरदर्द में दूर्वा जूस का नियमित सेवन फायदेमंद है।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शरीर में ऐंठन, दांत दर्द, मसूड़ों से खून आना या मुंह के छाले हों तो दूर्वा के रस में शहद या घी मिलाकर लगाने या पीने से तुरंत आराम मिलता है। आयुर्वेद में दूर्वा को पाचन तंत्र मजबूत करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और त्वचा संबंधी समस्याओं में भी उपयोगी माना गया है।

यह साधारण घास न केवल पूजा में विशेष स्थान रखती है, बल्कि रोजमर्रा की स्वास्थ्य समस्याओं का प्राकृतिक उपचार भी है। नियमित उपयोग से कई रोगों से बचाव संभव है। हालांकि, सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी

Share this story

Tags