Samachar Nama
×

अशोक गहलोत ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

अशोक गहलोत ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
अशोक गहलोत ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

जोधपुर, 25 जून (आईएएनएस)। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भाजपा की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां कहीं भी इनकी सरकार है, वहां हाहाकार मचा हुआ है।

अशोक गहलोत ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि जिस राज्य में भाजपा की सरकार है, वहां की स्थित बहुत गंभीर है। एक के बाद एक घोटाले सामने आ रहे हैं, लेकिन अफसोस की बात है कि इन लोगों ने चुप्पी साध रखी है। ये लोग कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। राजस्थान में भी गांव से लेकर जयपुर तक में लोग दुखी हैं। आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री को समझना चाहिए कि हालात कैसे हैं। हमारी सीएम से कोई दुश्मनी नहीं है। हम उन्हें नैतिक बल प्रदान करेंगे, लेकिन उन्हें यह समझना होगा कि मौजूदा हालात बहुत ही गंभीर है। स्थिति उनके काबू से बाहर जा चुकी है।

उन्होंने राज्य में रिफाइनरी के आने को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। गहलोत ने कहा कि अगर रिफाइनरी आ रही है तो ऐसी स्थिति में सीएम और मुख्य सचिव को वहां जाकर बैठना चाहिए, क्योंकि उस वक्त राजस्थान की बहुत ही बुरी तरह से भद्द पिटी थी, जब प्रधानमंत्री के आने से दो तीन दिन पहले ही आग लग जाए। अब अगर इस बार फिर से राजस्थान में रिफाइनरी लाने पर विचार कर रहे हैं तो राज्य सरकार को तुरंत जाकर पूरी स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। हम नहीं चाहते हैं कि किसी भी प्रकार की बदनामी हो।

वहीं, अशोक गहलोत ने कहा कि राजनीति में झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है तो बात कीजिए। किरोड़ी लाल मीणा जब मंत्री नहीं थे, तब भी आरोप लगाते रहते थे। आप लोग उन्हें 15-20 साल से देख रहे हैं। पार्टी के अध्यक्ष पद की एक अलग प्रतिष्ठा होती है, लेकिन उन पर लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं तो जाहिर सी बात है कि उसे लेकर हमारी पार्टी से भी रिएक्शन आएगा ही। ऐसे में किरोड़ी लाल मीणा को देखना होगा कि उनके काम का क्या आधार है। छापेमारी हो रही है। छापे में शामिल लोग वसूली करते हैं। इस बात की पुष्टि हो चुकी है। एसीबी दबाव में काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि ये लोग सीएमओ के दबाव में हैं। इनके अधीनस्थ अधिकारी भी इनकी बात नहीं मानते हैं। इनके अधीनस्थ अधिकारी भी इन्हें दबाने की कोशिश करते हैं। मुझे लगता है कि डीजी खुद परेशान होंगे, जहां तक मुझे जानकारी है। अधिकारी मुझे बताते हैं कि वे लोग दबाव में काम करने के लिए बाध्य हो चुके हैं। इस तरह की स्थिति मैंने प्रदेश में नहीं देखी है।

अशोक गहलोत ने कहा कि क्या मुख्यमंत्री को नहीं दिख रहा है कि प्रदेश की मौजूदा स्थिति कैसी है, लेकिन वह कुछ भी नहीं कह रहे हैं, क्योंकि उनके ऊपर भी दबाव है। इस बार प्रदेश की जनता इन्हें जवाब देगी। हमारे लोग जागरूक हैं।

वहीं, उन्होंने रिफाइनरी को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि उस वक्त सोनिया गांधी चेयरपर्सन थीं, मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। तब हमने उस वक्त रिक्वेस्ट करके रिफाइनरी सेंसन करवा दी थी, लेकिन पांच साल काम रोककर रखा। इन्हें जवाब देना चाहिए कि इतने सालों तक काम क्यों रोककर रखा गया।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी

Share this story

Tags