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भाजपा सरकारी एजेंसियों का कर रही दुरुपयोग, इस बार होगा पतनः ममता बनर्जी

कोलकाता, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम में स्थित अल-अमीन मॉडल स्कूल पपुरी ग्राउंड में ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के तहत जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।
भाजपा सरकारी एजेंसियों का कर रही दुरुपयोग, इस बार होगा पतनः ममता बनर्जी

कोलकाता, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के बीरभूम में स्थित अल-अमीन मॉडल स्कूल पपुरी ग्राउंड में ममता बनर्जी ने चुनाव प्रचार के तहत जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा।

ममता बनर्जी ने कहा, "कल उन्होंने गैस की कीमत में बढ़ोतरी की है। ऑटो चालित सिलेंडरों और यूरिया की दरें भी बढ़ा दी गई हैं। उर्वरक कंपनियों पर निर्भरता कम करने के लिए उन्हें यहां लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को अधिक कीमत पर यूरिया न खरीदना पड़े। मैं फिर से दोहराना चाहूंगी कि तृणमूल जनता की पार्टी है, यह जनता के साथ खड़ी रही है और आगे भी खड़ी रहेगी। हम अपने वादे पूरे करते हैं।"

ममता बनर्जी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा, "आज यह केंद्रीय बलों को कह रहे हैं, जाइए जाकर घर-घर में छापा मारिए। वो मेरे दोस्त हैं, मेरे दुश्मन नहीं। मैं आपसे कहना चाहती हूं, यह भाजपा सरकार टिकने वाली नहीं है। इस वर्ष 2026 में ही इनका पतन होगा। किसी भी दिन, किसी भी निरपेक्ष एजेंसी को कोई भी सरकार इस तरीके से काम पर नहीं लगाया है। भाजपा ने जो किया है, उसकी कोई तुलना नहीं है। कितना भी बाहर से पर्यवेक्षक भेजिए, लोग वोट करेंगे, पर्यवेक्षक वोट नहीं देंगे।"

इसके पहले 31 मार्च को ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर चुनाव आयोग पर भाजपा के साथ मिलीभगत कर मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था। ममता बनर्जी ने पत्र में लिखा था, "यह अत्यंत चिंता का विषय है कि निर्वाचन आयोग जैसा संवैधानिक प्राधिकरण बंगाल की जनता के लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों को कमजोर करता प्रतीत हो रहा है। त्रुटिपूर्ण और लक्षित प्रतीत होने वाली विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया ने लाखों लोगों को गंभीर कठिनाई में डाल दिया है, जिससे कई लोग मताधिकार से वंचित होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इस प्रक्रिया में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई है। यह अत्यंत दुखद है कि ऐसी घटनाओं के बावजूद भी निर्वाचन आयोग ने अधिक मानवीय और उत्तरदायी दृष्टिकोण नहीं अपनाया है।"

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

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