बिनॉय जॉर्ज उरुग्वे में भारत के अगले राजदूत नियुक्त
नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। दक्षिण अमेरिका के दक्षिणीपूर्वी हिस्से में स्थित उरुग्वे के नए राजदूत बिनॉय जॉर्ज होंगे। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2006 बैच के आईएफएस जॉर्ज वर्तमान में विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं और उन्हें ओरिएंटल रिपब्लिक ऑफ उरुग्वे में बतौर राजदूत नियुक्त किया गया है। वो जल्द ही अपना नया कार्यभार संभालेंगे।
नियुक्ति से पहले तक, अर्जेंटीना में भारत के राजदूत अजनीश कुमार ही राजदूत के रूप में अतिरिक्त जिम्मेदारी (समवर्ती मान्यता) निभा रहे थे।
एमईए के ऑफिशियल साइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, डॉ. बिनॉय जॉर्ज भारतीय विदेश सेवा के एक अनुभवी राजनयिक हैं। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत के कई महत्वपूर्ण मिशनों में अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं। फिलहाल वह नई दिल्ली में संयुक्त सचिव (कोंसुलर, पासपोर्ट, वीजा - सीपीवी) के रूप में कार्यरत हैं।
इसके अलावा उन्होंने जर्मनी, बेल्जियम, स्पेन, नीदरलैंड, श्रीलंका और यूरोपीय संघ में भी अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा वो बांग्लादेश में भारत के उप उच्चायुक्त के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। बर्लिन (जर्मनी) में भारतीय दूतावास, म्यूनिख में भारत के महावाणिज्य दूतावास और बैंकॉक (थाईलैंड) में भारतीय दूतावास में भी तैनात रह चुके हैं।
अनुभवी राजनयिक ने यूएनईएससीएपी (एशिया और प्रशांत के लिए संयुक्त राष्ट्र का आर्थिक और सामाजिक आयोग) में भारत के वैकल्पिक उप स्थायी प्रतिनिधि (डीपीआर) के तौर पर देश का प्रतिनिधित्व किया है।
वहीं, बात करें भारत और उरुग्वे के आपसी संबंधों की तो पारंपरिक रूप से ये बेहद मैत्रीपूर्ण और मजबूत रहे हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध साल 1960 में स्थापित हुए थे। दोनों देशों ने हाल ही में राजनयिक संबंधों के 75 साल का जश्न मनाया था।
ब्यूनस आयर्स स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, उरुग्वे में भारतीय संस्कृति, योग और आध्यात्मिक संगठनों की अच्छी मौजूदगी है। देश में साईं बाबा, इस्कॉन, आर्ट ऑफ लिविंग और ब्रह्माकुमारी जैसे समूहों के सैकड़ों अनुयायी हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) को यहां हर साल बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसमें 2025 में 20 से अधिक योग स्कूलों और सैकड़ों लोगों की भागीदारी रही। इसी तरह, 2025 में आयुर्वेद दिवस भी धन्वंतरि जयंती पर मनाया गया।
भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के तहत मोन्टेविडियो में महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर पर डाक टिकट जारी किए गए, जबकि कथकली और ओडिसी जैसे भारतीय नृत्य-प्रदर्शन और “फेस्टिवल ऑफ इंडिया” जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं।
तकनीकी और विकास सहयोग के तहत भारत हर साल उरुग्वे को 5 आईटीईसी छात्रवृत्तियां देता है, और कई उरुग्वेयन राजनयिक नई दिल्ली स्थित सुषमा स्वराज विदेश सेवा संस्थान में प्रशिक्षण ले चुके हैं।
भारतीय समुदाय की बात करें तो उरुग्वे में लगभग 1000 भारतीय रहते हैं, जिनमें करीब 500 टीसीएस में कार्यरत हैं, जबकि बाकी लोग आईटी कंपनियों और अन्य क्षेत्रों में कार्यरत हैं।
उरुग्वे क्षेत्रीय व्यापार संगठन मर्कोसुर का मुख्यालय है, जिसके साथ भारत का 2004 में प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट हुआ था, जो 2009 में लागू हुआ। इसके तहत दोनों पक्षों को कुछ उत्पादों पर रियायती शुल्क मिलता है।
इसके अलावा, लैटिन अमेरिकी एकीकरण संघ (एएलएडीआई) जैसे मंचों पर भी भारत के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के प्रयास जारी हैं।
--आईएएनएस
केआर/

