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बीजू पटनायक पुलिस अकादमी से 336 सब-इंस्पेक्टर पास आउट, 70 महिलाएं शामिल

बीजू पटनायक पुलिस अकादमी से 336 सब-इंस्पेक्टर पास आउट, 70 महिलाएं शामिल
बीजू पटनायक पुलिस अकादमी से 336 सब-इंस्पेक्टर पास आउट, 70 महिलाएं शामिल

भुवनेश्वर, 4 सितंबर (आईएएनएस)। बीजू पटनायक पुलिस अकादमी के 13वें बैच से कुल 336 सब-इंस्पेक्टर (एसआई) पास आउट हुए, जिनमें 70 महिलाएं भी शामिल हैं। इससे ओडिशा पुलिस बल को प्रशिक्षित कर्मियों की एक नई पीढ़ी मिली है।

इसे लेकर ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनयतोष मिश्रा ने कहा कि नए अधिकारी बल की क्षमता को काफी बढ़ाएंगे, खासकर ऐसे समय में जब त्योहारों और अन्य बड़े आयोजनों के लिए लंबी ड्यूटी और जमीन पर ज्यादा कर्मियों की तैनाती की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, "हमें युवा कर्मियों की जरूरत है। त्योहारों का मौसम आने वाला है, ऐसे में लंबी ड्यूटी और युवा कार्यबल की आवश्यकता है। वे वास्तव में हमारी ताकत बढ़ाएंगे।"

डीजीपी ने नए रंगरूटों की तकनीकी समझ पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि पास आउट होने वाले कई एसआई इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं, जबकि गैर-इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले लोगों ने भी बेहतरीन तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया है।

मिश्रा ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता सहित नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से आधुनिकीकरण, तकनीक और सबूत-आधारित पुलिसिंग पर ध्यान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि फोरेंसिक तकनीक और अन्य वैज्ञानिक साधनों के इस्तेमाल के साथ-साथ बेहतर ट्रेनिंग से जांच और पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार होगा।

पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका पर डीजीपी ने कहा कि तकनीक को जमीन पर तैनात कर्मियों के विकल्प के तौर पर नहीं, बल्कि बल की क्षमता बढ़ाने वाले साधन (फोर्स मल्टीप्लायर) के तौर पर देखा जाना चाहिए।

मिश्रा ने कहा, "एआई चाहे कितना भी आ जाए, यह बल की क्षमता बढ़ाने वाला साधन ही है। यह पुलिस कर्मियों को अपनी जिम्मेदारियां तेजी से निभाने, प्रक्रियाओं को मानकीकृत करने और गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगा, लेकिन बुनियादी बातें वही रहेंगी। अगर लोगों को सुरक्षा देनी है, तो जमीन पर पुलिस की मौजूदगी जरूरी है।"

उन्होंने समझाया कि तकनीक पुलिस को कम कर्मियों के साथ बड़े इलाकों को कवर करने में मदद कर सकती है। उदाहरण के लिए, सीसीटीवी और एआई-आधारित टूल जैसे सर्विलांस सिस्टम से ऐसा काम आठ लोग कर सकते हैं, जिसके लिए पहले 10 लोगों की जरूरत होती थी। इससे कवरेज से समझौता किए बिना ऑपरेशनल क्षमता में सुधार होगा।

मिश्रा ने कहा कि पुलिस की मुख्य प्राथमिकता सुरक्षा सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और नागरिकों को न्याय व सेवाएं प्रदान करना बनी रहेगी। उन्होंने कहा, "आधुनिक तकनीक को अपनाना बहुत जरूरी है। फोरेंसिक तकनीक, बेहतर ट्रेनिंग और लगातार स्किल डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ये बुनियादी चीजें हैं, जिनमें कर्मचारियों को बेहतर परफॉर्मेंस के लिए अपनी स्किल्स को निखारना होगा।"

डीजीपी ने भरोसा जताया कि नई ट्रेनिंग पाने वाले सब-इंस्पेक्टर, ओडिशा पुलिस की आधुनिक, तकनीक-आधारित और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की कोशिशों को एक बड़ी गति देंगे।

--आईएएनएस

डीके/डीएससी

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