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बिहार: श्रावणी मेला की तैयारी तेज, 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा आयोजन; मेला पथ को बनाया जाएगा 'शिवमय'

पटना, 10 जून (आईएएनएस)। आगामी श्रावणी मेला को लेकर बिहार सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बुधवार को पर्यटन विभाग कार्यालय में समीक्षा बैठक कर भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों में चल रही तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिला पदाधिकारी भी शामिल हुए।
बिहार: श्रावणी मेला की तैयारी तेज, 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा आयोजन; मेला पथ को बनाया जाएगा 'शिवमय'

पटना, 10 जून (आईएएनएस)। आगामी श्रावणी मेला को लेकर बिहार सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बुधवार को पर्यटन विभाग कार्यालय में समीक्षा बैठक कर भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों में चल रही तैयारियों का जायजा लिया। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिला पदाधिकारी भी शामिल हुए।

बैठक में पर्यटन सचिव ने बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं। मेला अवधि के दौरान टेंट सिटी, शौचालय, स्नानघर, शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, कांवड़ स्टैंड, सूचना केंद्र तथा मनोरंजन की समुचित व्यवस्था की जाएगी।

पर्यटन सचिव ने कहा कि इस बार बाबा अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज से बिहार सीमा दुम्मा तक पूरे श्रावणी मेला पथ को 'शिवमय' स्वरूप दिया जाएगा। इसके तहत मार्ग में भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, विशेष साज-सज्जा तथा शिव मंत्रों की ध्वनि की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही अजगैबीनाथ मंदिर और विभिन्न टेंट सिटी में लाइट एंड साउंड शो, फाउंटेन शो, लेजर शो और ड्रोन शो के माध्यम से श्रावणी मेला की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को प्रदर्शित किया जाएगा।

श्रद्धालुओं के आवास की व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की जा रही है। सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ परिसर में इस बार 500 बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी बनाई जाएगी, जबकि बांका जिले के अबरखा में 600 बेड, धौरी में 200 बेड और गोड़ियारी में 250 बेड की व्यवस्था होगी।

वहीं, मुंगेर जिले के खैरा और धोबई में 200-200 बेड तथा पहली बार असरगंज में 300, तारापुर में 200 और संग्रामपुर में 200 बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी विकसित की जाएगी। सभी टेंट सिटी में पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, स्वच्छता, बिजली और कांवड़ स्टैंड की व्यवस्था के साथ जीविका दीदियों की रसोई भी संचालित की जाएगी। मेला अवधि के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।

उद्घाटन और समापन समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार प्रस्तुति देंगे, जबकि प्रत्येक सोमवार को राज्यस्तरीय और अन्य दिनों में जिलास्तरीय कलाकार श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगे। बैठक में बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर, पर्यटन निदेशक एवं विशेष सचिव उदयन मिश्रा, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष श्रावणी मेले को अधिक सुव्यवस्थित, आकर्षक और श्रद्धालु-हितैषी बनाना है।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी

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