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बिहार: राजद में बढ़ी अंदरूनी खींचतान की चर्चा, भाई वीरेंद्र के बयान से सियासी हलचल तेज

बिहार: राजद में बढ़ी अंदरूनी खींचतान की चर्चा, भाई वीरेंद्र के बयान से सियासी हलचल तेज
बिहार: राजद में बढ़ी अंदरूनी खींचतान की चर्चा, भाई वीरेंद्र के बयान से सियासी हलचल तेज

पटना, 5 अगस्त (आईएएनएस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में अंदरूनी मतभेदों की चर्चाओं को उस समय और बल मिला, जब पार्टी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने बुधवार को बिना किसी का नाम लिए तीखी टिप्पणी की।

उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें लगाई जाने लगीं कि उनका इशारा पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव की ओर था। हालांकि, शक्ति यादव ने इस तरह की अटकलों को स्वीकार करने से इनकार किया है। भाई वीरेंद्र ने कहा, "खामोश! भाई वीरेंद्र लोकदल का आदमी रहा है, जब तुम्हारी राजनीति में कोई पैदाइश नहीं थी। मैं उस समय से राजनीति कर रहा हूं। 2010 में 22 विधायक थे, कई लोग बदल गए, लेकिन भाई वीरेंद्र नहीं बदला। आज 2025 में 25 विधायक हैं और तुम्हारी करतूतों को मैं सार्वजनिक करूंगा। तुम मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए राजनीति कर रहा हूं और तुम लोग तेजस्वी यादव का चेहरा दिखाकर लोगों से माल वसूलने और भेंट करवाने का काम करते हो। इसलिए खामोश।"

भाई वीरेंद्र ने अपने बयान में किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन इसे लेकर पार्टी के भीतर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। इस बीच, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने पूरा वीडियो देखा है, लेकिन उसमें उनका नाम कहीं नहीं लिया गया है। शक्ति यादव ने कहा, "सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब उन्होंने मेरा नाम ही नहीं लिया, तो मैं यह कैसे मान लूं कि आरोप मेरे ऊपर लगाए गए हैं। वे पार्टी के वरिष्ठ विधायक हैं और कोई भी बात होती है तो नेतृत्व इन सभी पहलुओं को देखता है। मैंने उनके मुंह से अपने संदर्भ में कोई बयान नहीं सुना है।"

उन्होंने कहा कि यदि किसी के संज्ञान में इस प्रकार की कोई बात है तो उसे साक्ष्यों के साथ पार्टी नेतृत्व के सामने रखना चाहिए। उनके मुताबिक, पार्टी के प्रति प्रतिबद्ध होने का अर्थ यही है कि यदि किसी मुद्दे पर असहमति या सुधार की जरूरत महसूस होती है तो उसे सार्वजनिक मंच के बजाय पार्टी की आंतरिक बैठकों में नेतृत्व के समक्ष रखा जाए और पार्टी के नेता ऐसा करते भी हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले राजद नेता रोहिणी आचार्य भी सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। अब भाई वीरेंद्र के बयान के बाद विपक्षी दल भी राजद की अंदरूनी स्थिति को लेकर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से आधिकारिक तौर पर किसी तरह के मतभेद से इनकार किया जाता रहा है, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने राजनीतिक हलकों में इस चर्चा को जरूर तेज कर दिया है कि राजद के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीएससी

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