बिहार: रौशन आनंद ने छात्रों से एक मंच पर आने की अपील की, फाइल दिखाकर बोले- खुलेगा आयोग का काला चिट्ठा
पटना, 22 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार में बीपीएससी, बीएसएससी और लंबित भर्ती परीक्षाओं समेत अभ्यर्थियों की विभिन्न मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर चल रहे छात्र आंदोलन में शनिवार को नया मोड़ देखने को मिला। चर्चित शिक्षक रौशन आनंद अनशन पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचे और आंदोलन को मजबूत करने के लिए सभी छात्र नेताओं से एक मंच पर आने की अपील की। उनके साथ विपिन सर भी मौजूद रहे।
रौशन आनंद ने कहा कि छात्रों की मांग तभी मजबूती से सरकार तक पहुंचेगी, जब आंदोलन से जुड़े सभी गुट और छात्र नेता एकजुट होकर आवाज उठाएंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों को दो गुटों में बंटने के बजाय एक मंच पर आकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना चाहिए।
इस दौरान रौशन आनंद हाथ में एक फाइल लेकर धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि फाइल में आयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी है और इसमें आयोग का 'काला चिट्ठा' सामने आ सकता है।
उन्होंने कहा कि वह इस फाइल की जानकारी शनिवार को सार्वजनिक करने वाले थे, लेकिन अब ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सभी छात्र और छात्र नेता एक मंच पर नहीं आते, तब तक वह फाइल सार्वजनिक नहीं करेंगे।
रौशन आनंद ने यह भी कहा कि यदि छात्र नेता एकजुट नहीं होते हैं तो वह खुद छात्रों के मुद्दों को लेकर आंदोलन की कमान संभालेंगे और संघर्ष को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि वह छात्रों के हित में आंदोलन को मजबूत करने के लिए तैयार हैं। सरकार से भी छात्रों के साथ संवाद करने की अपील की।
रौशन ने कहा कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से निकाला जा सकता है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार और छात्रों के बीच संवाद होने पर समस्याओं का समाधान संभव है। उन्होंने बिहार सरकार से गर्दनीबाग में आंदोलन कर रहे छात्रों से बातचीत कर उनकी मांगें सुनने की अपील की।
गर्दनीबाग में छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन मुख्य रूप से बीपीएससी टीआरई-4 के नोटिफिकेशन, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर है। छात्र एकल परीक्षा प्रणाली, नकारात्मक अंकन समाप्त करने तथा बीएसएससी और दरोगा भर्ती में पारदर्शिता समेत कई मांगें उठा रहे हैं।
गर्दनीबाग में अलग-अलग मांगों को लेकर कई आंदोलन चल रहे हैं। इनमें बीपीएससी टीआरई-4 में एकल परीक्षा, बीपीएससी 17वीं परीक्षा रद्द करने, बीएसएससी में रिक्तियों, लाइब्रेरियन बहाली और पीएचडी डिग्रीधारकों की मांगें शामिल हैं। पीएचडी डिग्रीधारकों की मांग को लेकर कुमुद पटेल आमरण अनशन पर बैठे हैं।
--आईएएनएस
एमएनपी/डीकेपी

