बिहार राज्यसभा चुनाव: शाहनवाज हुसैन का दावा, एनडीए जीतेगी पांचों सीटें
पटना, 16 मार्च (आईएएनएस)। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए बिहार सहित 10 राज्यों में आज चुनाव हो रहे हैं। नेता अपने पसंदीदा प्रतिनिधि के लिए मतदान करने पहुंच रहे हैं। बिहार में 5 राज्यसभा सीटों के लिए मतदान जारी है। इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने दावा किया कि एनडीए सभी पांचों की पांच सीटें जीतने वाली है और राजद के प्रत्याशी हारने वाले हैं। राजद और उसके सहयोगियों को अपने गठबंधन पर विश्वास नहीं है। हमारे विधायक एकजुट हैं और हमें बहुत बड़ी संख्या में वोट मिलने वाले हैं।"
शाहनवाज हुसैन ने कहा, "पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी कमल खिलाएगी और ममता बनर्जी की विदाई की तारीख तय हो चुकी है।"
वहीं, भाजपा विधायक विजय खेमका ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "बहुत अच्छा होगा और बिहार में हमेशा सब कुछ अच्छा ही होता है। देश में भी, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सब कुछ अच्छा चल रहा है। आज जो चुनाव है उसमें मैं भी मतदान करने जा रहा हूं। एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित है।"
मतदान करने के बाद मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा, "हमारी पार्टी के सभी विधायकों ने अपना वोट डाल दिया है और हमारी जीत शत प्रतिशत निश्चित है। हम सभी पांच सीटों पर जीत हासिल कर रहे हैं। हमारे पास संख्या बल पर्याप्त है। जो लोग राज्य की तरक्की चाहते हैं, वे हमारे पक्ष में मतदान करेंगे।"
जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने कहा, "पहली बार मतदान करने का उत्साह है। मुझे इस बात की और भी ज़्यादा खुशी है कि आज हम सभी पांचों की पांचों सीटें जीत रहे हैं।"
जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा, "हमारी एनडीए की जीत 100 फीसदी सुनिश्चित है, अब बस औपचारिक घोषणा बाकी हैं।"
आज महाराष्ट्र से सात, तमिलनाडु से छह, बिहार और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच, ओडिशा से चार, असम से तीन, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और हरियाणा से दो-दो और हिमाचल प्रदेश से एक सीट के लिए चुनाव हो रहा है।
लोकसभा का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और कार्यकाल पूरा होने के बाद भंग हो जाता है, जबकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और बिना किसी रुकावट के निरंतर कार्य करती रहती है। उच्च सदन के सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है, जिसमें एक तिहाई सदस्य हर दो वर्ष में सेवानिवृत्त होते हैं। इन खाली पदों को भरने के लिए चुनाव आयोजित किए जाते हैं, जिससे सदन में निरंतरता और अनुभव सुनिश्चित होता है।
--आईएएनएस
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