बिहार: पूर्वी चंपारण में ड्रग्स तस्करों पर कड़ा शिकंजा, दो साल में 100 को सजा
मोतिहारी, 12 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के पूर्वी चंपारण में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस की सख्ती और मामलों में प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप पिछले दो वर्षों में ड्रग्स तस्करी से जुड़े 100 तस्करों को न्यायालय से सजा दिलाई गई है। इनमें 64 तस्करों को सात वर्ष या उससे अधिक की सजा सुनाई गई है, जबकि कुछ मामलों में दोषियों को अधिकतम 18 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा मिली है।
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने युवाओं से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि तस्करी के मामलों में कानून में कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, जिले में ड्रग्स तस्करी से संबंधित करीब 500 आरोपी फिलहाल अंडरट्रायल हैं और उनके मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। पुलिस इन मामलों में भी साक्ष्य संकलन और प्रभावी पैरवी के जरिए दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में काम कर रही है।
सजायाफ्ता मामलों की सूची में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोषसिद्धि के मामले शामिल हैं। सजायाफ्ता तस्करों के मामलों से ड्रग्स के अवैध कारोबार की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। सूची के अनुसार, पूर्वी चंपारण के मामलों में समीर शाह उर्फ चेलवा और सलमान शाह उर्फ चेलवा को चरस के मामले में 14-14 वर्ष के कारावास की सजा मिली। दोनों के मामले घोड़ासहन थाना कांड संख्या 405/21 से जुड़े हैं और एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत दोषसिद्धि हुई है।
इसी तरह सुरेश प्रसाद कुशवाहा को रामगढ़वा थाना कांड संख्या 277/23 में 3 किलो 782 ग्राम चरस के मामले में 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक प्यारे लाल साह को पलनवा थाना कांड संख्या 19/08 में 163 किलो गांजा के मामले में 14 वर्ष का कारावास मिला। वहीं पन्नालाल दास को रामगढ़वा थाना कांड संख्या 21/23 में 5 किलो 72 ग्राम चरस के मामले में 14 वर्ष की सजा हुई।
विशाल पटेल को सुगौली थाना कांड संख्या 462/21 में 151 किलो 600 ग्राम गांजा के मामले में 14 वर्ष का कारावास सुनाया गया। अकरम शेख को रक्सौल थाना कांड संख्या 52/17 में पांच किलो 100 ग्राम चरस के मामले में 13 वर्ष की सजा मिली। एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि ड्रग्स का कारोबार युवाओं और समाज के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे तस्करी के किसी भी लालच या नेटवर्क का हिस्सा न बनें। उन्होंने कहा कि कम समय में अधिक पैसा कमाने के चक्कर में नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होना भविष्य बर्बाद कर सकता है। पुलिस नशे के नेटवर्क के खिलाफ लगातार कार्रवाई करती रहेगी और दोषियों को कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने का प्रयास जारी रहेगा।
--आईएएनएस
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