बिहार: पीएम सूर्य घर योजना से 60 उपभोक्ताओं का बिजली बिल हुआ शून्य, लाभार्थियों को जिला प्रशासन ने किया सम्मानित
नालंदा, 16 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने नालंदा में कमाल कर दिखाया है। जिले के 60 ऐसे उपभोक्ता हैं, जिन्होंने अपनी छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल शून्य कर लिया है। ऐसे लाभार्थियों को जिला प्रशासन ने सौर ऊर्जा अग्रदूत सम्मान से नवाजा है।
शुक्रवार को बिहार शरीफ के टाउन हॉल में आयोजित समारोह में डीएम कुंदन कुमार ने इन जागरूक नागरिकों और बेहतर काम करने वाले पांच वेंडर्स संवेदकों को प्रशस्ति पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर उपभोक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे सोलर पैनल लगाने के बाद उनका बिजली बिल शून्य हो गया है और वे अब टेंशन फ्री हैं।
डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि नालंदा जिला पीएम सूर्य घर योजना को अपनाने में पूरे बिहार में दूसरे स्थान पर है। अब तक लगभग 900 से ज्यादा लोगों ने सौर ऊर्जा को अपनाया है।
डीएम ने कहा कि सोलर पैनल लगाने वाले व्यक्ति अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक बन गए हैं। यह न केवल हमारी आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ तकनीक देगा, बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनकर हम राष्ट्रीय सुरक्षा में भी योगदान दे रहे हैं।
कार्यपालक अभियंता विकास कुमार ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान बताया कि योजना के तहत 3 किलोवाट तक के कनेक्शन पर सरकार 78,000 रुपए की सब्सिडी दे रही है। मैं खुद भी उपभोक्ता हूं। अगर आप 3 किलोवाट का प्लांट लगाते हैं, तो गर्मी में फुल फेज में एसी चलाने के बाद भी आपका बिल लगभग शून्य ही आएगा।
उन्होंने जानकारी दी कि अगले वित्तीय वर्ष से बची हुई यूनिट (सरप्लस बिजली) का पैसा उपभोक्ताओं के खाते में क्रेडिट करने की योजना है और यूपी की तर्ज पर स्टेट बेनिफिट भी मिल सकता है।
समारोह में मौजूद विद्युत मुख्य अभियंता राम सिंह ने नालंदा की उपलब्धि पर खुशी जताई, लेकिन साथ ही भविष्य का बड़ा लक्ष्य भी रखा। उन्होंने कहा कि नालंदा अभी राज्य में दूसरे स्थान पर है, लेकिन हम यहीं नहीं रुकेंगे। हमारी पूरी टीम नालंदा को इस पायदान से और आगे (नंबर वन) ले जाने के लिए काम करेगी। सरकार का जो लक्ष्य है, उसे हर हाल में प्राप्त किया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को जागरूक करना और उन्हें फायदों के बारे में बताना हमारी प्राथमिकता है।
विद्युत अधीक्षण अभियंता नालंदा मनीष कांत ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक जिले में 2,000 और घरों में सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बिहारशरीफ के अलावा राजगीर और हिलसा में भी अभियान चलाया जाएगा।
रिसोनी पावर के वेंडर सोनू कुमार ने आईएएनएस को बताया कि नेट मीटरिंग के जरिए इनपुट और आउटपुट का हिसाब होता है, जिससे बिल जीरो हो जाता है। 3 किलोवाट के प्लांट पर उपभोक्ता का 2,000-3,000 रुपए का मासिक बिल बच जाता है।
समारोह में काशी तकिया के संदीप कुमार, किसान बाग की अनीता देवी, सकुनत मोहल्ला के अनिल कुमार, बड़ी खासगंज के मो. अमियाज जाफरी, कल्याण बिगहा की सोनी कुमारी और चंडी के शंभुलाल विश्वकर्मा समेत कई लोग सम्मानित हुए।
रामचंद्रपुर निवासी सुशीला कुमारी ने कहा कि पहले डर लगा रहता था कि रात में मीटर का रिचार्ज खत्म न हो जाए। अब बिल शून्य आता है, बचत हो रही है और हम आत्मनिर्भर महसूस कर रहे हैं। पीएम मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद।
हरनौत के ऋषभ कुमार ने बताया कि पहले पावर कट और भारी बिल से परेशान थे। अब सोलर पैनल लगने के बाद बिल जीरो हो गया है। जब तक सूर्य हैं, हमें किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है।
बिहारशरीफ के सुरेंद्र कुमार ने कहा कि पहले महीने का 1,500 से 1,800 रुपए बिल आता था। अब बिल जीरो है और परिवार टेंशन मुक्त है। ईएमआई की सुविधा से मध्यम वर्ग को बड़ी राहत मिली है।
--आईएएनएस
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