बिहार: पटना पुस्तक मेला 4 दिसंबर से, 350 से अधिक कार्यक्रमों में साहित्य, कला और सिनेमा का होगा संगम
पटना, 2 नवंबर (आईएएनएस)। बिहार की राजधानी पटना में 42 वर्षों से आयोजित हो रहा पटना पुस्तक मेला इस वर्ष 4 से 15 दिसंबर तक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट (सीआरडी) द्वारा आयोजित इस मेले में इस बार 350 से अधिक नए कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। साहित्य, संस्कृति, कला, सिनेमा और शिक्षा से जुड़े इस आयोजन की थीम ‘जॉय ऑफ रीडिंग, बियोंड बुक्स’ रखी गई है। इस बार का पटना पुस्तक मेला बिहार गीत के रचयिता और लोककवि सत्यनारायण को समर्पित होगा।
सीआरडी पटना पुस्तक मेला के अध्यक्ष एवं साहित्यकार रत्नेश्वर ने सोमवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पटना पुस्तक मेला भारत के तीन सबसे बड़े पुस्तक मेलों में से एक है। यह केवल पुस्तकों की खरीद-बिक्री का आयोजन नहीं, बल्कि साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक उत्सव है। मेले का उद्देश्य आमजन में पढ़ने की अभिरुचि विकसित करने के साथ-साथ अपनी थीम के माध्यम से नए संदेश देना भी है। इस वर्ष मेले में युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ‘चिट्ठियां’ कार्यक्रम में डॉ. विमलेन्दु चर्चित चिट्ठियों का पाठ करेंगे।
युवा अपनी लिखी या अपने जीवन को प्रभावित करने वाली चिट्ठियां भी पढ़ेंगे। वहीं, डॉ. वरुण के संयोजन में आयोजित ‘यूथ पोडियम’ में राजनीति, कला, साहित्य और संस्कृति सहित विभिन्न विषयों पर युवाओं के साथ विचारोत्तेजक संवाद होगा। उत्कर्ष आनंद के संयोजन में ‘शब्दांकुर’ कार्यक्रम के तहत युवा अपनी कविता, कहानी और व्यंग्य रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। चयनित रचनाकार को शब्दांकुर पुरस्कार दिया जाएगा। चयन में तीन निर्णायकों के साथ दर्शकों की राय भी शामिल होगी। स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए ‘हुनर’ कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें 70 से अधिक स्कूलों के करीब पांच हजार बच्चों के भाग लेने की संभावना है।
मेले में इस बार ‘सिनेमा-उनेमा’ फिल्म फेस्टिवल के लिए विशेष सिनेमा हॉल बनाया जाएगा। कुमार रविकांत के संयोजन में प्रतिदिन फीचर फिल्म, लघु फिल्म और वृत्तचित्र दिखाए जाएंगे। फिल्म विशेषज्ञों और कलाकारों के साथ दर्शकों का सीधा संवाद भी होगा। सिनेमा से जुड़े प्रमुख लोगों को सम्मानित किया जाएगा। कला प्रेमियों के लिए मुकेश कुमार के संयोजन में भव्य कला दीर्घा बनाई जाएगी। इसमें युवा कलाकारों, लोक कलाकारों, वरिष्ठ कलाकारों और पद्म पुरस्कार से सम्मानित बिहार के कलाकारों की प्रदर्शनी लगेगी।
प्रतिदिन कला विषयों पर विमर्श और गोष्ठियां भी आयोजित होंगी। मेले में ‘स्वाद विहार’ के तहत बिहार के पारंपरिक व्यंजनों के साथ देश के चुनिंदा व्यंजन परोसे जाएंगे। यहां पुस्तक प्रेमियों के लिए विशेष फूड लाउंज भी होगा, जहां चाय के साथ किताबें पढ़ने का आनंद लिया जा सकेगा। आयोजन में ‘काव्यकथा’, ‘स्कूल उत्सव’, ‘जनसंवाद’, ‘कोचिंग मास्टर’, ‘ज्ञान-रोजगार’, ‘नुक्कड़ के रंग’ और ‘स्वास्थ्य-संवाद’ जैसे कार्यक्रम भी होंगे।
देश के चर्चित लेखक, पत्रकार, कवि, कथाकार, शिक्षाविद और विशेषज्ञ इनमें भाग लेंगे। कवि सम्मेलन में चंदन द्विवेदी और रजत सहित कई कवि शामिल होंगे। इस बार पुस्तक मेले में 200 स्टॉल लगाए जाएंगे। इनमें प्रभात प्रकाशन, राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, ज्ञानपीठ, साहित्य अकादमी, हिन्द युग्म, एनसीपीयूएल और अन्य प्रमुख प्रकाशक भाग लेंगे।
--आईएएनएस
एमएनपी/डीकेपी

