बिहार: नवादा में कृषि यांत्रिकरण मेला-सह-प्रदर्शनी का शुभारंभ, आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग पर जोर
नवादा, 10 मार्च (आईएएनएस)। बिहार के नवादा जिले में मंगलवार को जिला कृषि प्रक्षेत्र परिसर में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकरण मेला-सह-प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ किया गया। यह आयोजन कृषि रोड मैप के तहत सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए किया गया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश, नवादा विधानसभा की विधायक विभा देवी, गोविंदपुर विधानसभा की विधायक विनिता मेहता तथा जिला परिषद अध्यक्षा पुष्पा देवी सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने कहा कि भारत विस्तार एआई भारतीय कृषि क्षेत्र में नई क्रांति ला रहा है। यह एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-आधारित प्लेटफॉर्म है, जो किसानों को उनकी अपनी भाषा में मौसम की जानकारी, मंडी भाव, कीट-रोग नियंत्रण, फसल संबंधी सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराता है।
उन्होंने बताया कि किसान अपने मोबाइल फोन के माध्यम से इस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर कृषि से जुड़ी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, भारत विस्तार योजना के तहत किसान 155261 नंबर पर कॉल कर अपनी समस्याएं बता सकते हैं और उन्हें त्वरित समाधान भी मिल सकेगा। जिला पदाधिकारी ने किसानों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में कृषि यांत्रिकरण योजना के तहत 91 प्रकार के कृषि यंत्रों के वितरण की स्वीकृति प्राप्त हुई है। 23 फरवरी को लॉटरी के माध्यम से 1804 स्वीकृति पत्र जारी किए गए थे। इनमें से अब तक 711 किसानों ने अनुदानित दर पर पंजीकृत विक्रेताओं के माध्यम से कृषि यंत्रों की खरीद कर ली है। उन्होंने बताया कि आधुनिक कृषि में मशीनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। कृषि यंत्रों के उपयोग से लघु एवं सीमांत किसान समय पर कृषि कार्य कर सकेंगे और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से फसलों को भी बचाया जा सकेगा। धान, गेहूं, दलहन और तेलहन के साथ-साथ गन्ना और उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में वृद्धि के लिए कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। इससे उत्पादन लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ने की संभावना है।
जिले में कृषि यांत्रिकरण को बढ़ावा देने के लिए किसानों को गुणवत्तापूर्ण आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। मेले में स्ट्रॉ रीपर, स्ट्रॉ बेलर, पैडी ट्रांसप्लांटर, हैप्पी सीडर, पावर टिलर, लेजर लैंड लेवलर, जीरो टिलेज मशीन, रोटावेटर, रीपर-कम-बाइंडर, मिनी राइस मिल, दाल मिल और ऑयल मिल जैसे आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। इन यंत्रों के उपयोग से उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि होने की संभावना जताई गई।
मेले के दौरान उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वहीं, कृषि विज्ञान केंद्र, कौआकोल के वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान ने विभिन्न फसलों की उन्नत खेती और जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के बारे में किसानों को जागरूक किया।
इस मौके पर जिला उद्यान पदाधिकारी, सहायक निदेशक (रसायन), उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण), सहायक निदेशक (मृदा संरक्षण), उप परियोजना निदेशक आत्मा सहित कृषि विभाग के सभी कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, सहायक तकनीकी प्रबंधक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
--आईएएनएस
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