बिहार: नालंदा विश्वविद्यालय पहुंची संसदीय समिति, वैश्विक शिक्षा और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर
राजगीर (नालंदा), 25 अगस्त (आईएएनएस)। परिवहन, पर्यटन एवं संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा के नेतृत्व में 19 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को बिहार में नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया। नालंदा-राजगीर क्षेत्र के अध्ययन दौरे के क्रम में विश्वविद्यालय परिसर पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
प्रतिनिधिमंडल में दोनों सदनों के सांसद शामिल थे। सदस्यों ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण करने के साथ कुलपति, शिक्षकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों से संवाद किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण, अंतरराष्ट्रीय स्वरूप, परिसर के विकास तथा प्राचीन नालंदा की विरासत को आधुनिक वैश्विक ज्ञान-केंद्र के रूप में आगे बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी ली गई।
नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने प्रतिनिधिमंडल को विश्वविद्यालय के शैक्षणिक कार्यक्रमों, बढ़ते अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी समुदाय, शोध एवं अकादमिक सहयोग तथा नए परिसर के विकास की जानकारी दी।
उन्होंने विश्वविद्यालय के अंतर-सांस्कृतिक एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक वातावरण पर भी प्रकाश डाला, जहां विभिन्न देशों से आए विद्यार्थी और शोधार्थी साथ रहकर अध्ययन एवं अकादमिक संवाद करते हैं। प्रतिनिधिमंडल को विश्वविद्यालय के नेट-जीरो परिसर, अक्षय ऊर्जा, जल प्रबंधन और पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचे की समेकित व्यवस्था से भी अवगत कराया गया। समिति के सदस्यों ने प्राचीन नालंदा की ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक वैश्विक शिक्षा और शोध से जोड़ने के प्रयासों में विशेष रुचि दिखाई।
संजय कुमार झा ने विश्वविद्यालय के विकास और उसकी बढ़ती वैश्विक उपस्थिति की सराहना करते हुए कहा कि करीब 800 वर्षों के बाद नालंदा को फिर से विकसित करने की परिकल्पना आज ठोस रूप ले चुकी है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विश्वविद्यालय में 1,000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। परिसर नेट-जीरो है और बिजली तथा पानी की अपनी समेकित व्यवस्थाएं हैं। उन्होंने कहा कि नालंदा का गौरव, इतिहास और पहचान आज विश्वविद्यालय के माध्यम से समकालीन स्वरूप में फिर से सामने आ रही है।
बैठक में अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाने, बिहार के विद्यार्थियों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने, विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय दृश्यता मजबूत करने तथा नालंदा-राजगीर क्षेत्र में बौद्ध और विरासत पर्यटन के व्यापक विकास की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने नालंदा के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि नया नालंदा विश्वविद्यालय भी प्राचीन नालंदा की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप वैश्विक प्रतिष्ठा हासिल करेगा।
राजीव प्रताप रूड़ी ने ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक और पर्यावरण-सचेत विश्वविद्यालय परिसर से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की।
मनोज तिवारी ने विश्वविद्यालय में जारी विकास कार्यों और नालंदा के शैक्षणिक एवं पर्यटन परिवेश को और मजबूत करने की संभावनाओं को रेखांकित किया।
इमरान प्रतापगढ़ी ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों के साथ संवाद को दौरे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। यह दौरा नालंदा और राजगीर की विरासत, पर्यटन अवसंरचना तथा पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा के क्रम में आयोजित किया गया।
इस दौरान क्षेत्र को समेकित विरासत एवं बौद्ध पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। प्रतिनिधिमंडल में अजय कुमार मंडल, अनुराग शर्मा, देवेश चंद्र ठाकुर, के. ई. प्रकाश, मियां अल्ताफ अहमद, राहुल कासवान, सुरेश कुमार शेटकर, विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी, गोला बाबू राव, केशरी देव सिंह दिग्विजय झाला, नदीमुल हक, आर. के. चौधरी, एस. कल्याण सुंदरम और जून मालिया भी शामिल रहे।
--आईएएनएस
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