बिहार: मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल में लगी भीषण आग, डीएम ने 3 मौतों की पुष्टि की
मुजफ्फरपुर, 4 जून (आईएएनएस)। उत्तर बिहार के प्रमुख निजी अस्पतालों में शुमार प्रसाद हॉस्पिटल में मंगलवार देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र स्थित इस अस्पताल में आग लगने के बाद मरीजों और उनके परिजनों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। हादसे में कई मरीजों के दम घुटने की आशंका जताई जा रही है। मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत अस्पताल के आईसीयू वार्ड में शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे आईसीयू में धुआं भर गया। धुएं के कारण वहां भर्ती गंभीर मरीजों की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई। अस्पताल में मौजूद मरीज और उनके परिजन जान बचाकर बाहर निकलने लगे, जबकि आईसीयू में भर्ती मरीजों को निकालने के लिए तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दर्जनों गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। अग्निशमन कर्मियों ने कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान सैकड़ों एंबुलेंस मरीजों को सुरक्षित स्थानों और आसपास के अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने में जुटी रहीं। कई मरीजों को तत्काल दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया। घटनास्थल पर देर रात तक चीख-पुकार और भय का माहौल बना रहा। मरीजों के परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी पाने के लिए अस्पताल और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे। कई लोगों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों का पर्याप्त पालन नहीं किया, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ।
अग्निशमन विभाग के अधिकारी राम निवास पांडेय ने बताया कि पूरी स्थिति का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आग के कारण आईसीयू में दम घुटने से कई मरीज प्रभावित हुए हैं और मृतकों की संख्या के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। वहीं, जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने तीन लोगों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में एक बयान जारी कर कहा गया है कि वह प्रशासन के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और हादसे के कारणों की जांच कराई जा रही है। जिला प्रशासन ने भी घटना की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आईसीयू वार्ड में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की कमी भी आग के तेजी से फैलने का एक संभावित कारण हो सकती है, हालांकि अभी किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बता दें कि प्रसाद हॉस्पिटल उत्तर बिहार का एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल माना जाता है, जहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इस दर्दनाक हादसे ने निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन प्रबंधन और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस, प्रशासन और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं। मलबे की जांच और बचाव कार्य जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि देर रात तक कुछ मरीजों की स्थिति और उनकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो पाई थी।
--आईएएनएस
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