बिहार : मोक्षस्थली गयाजी पितृपक्ष मेला में बहुभाषीय डिजिटल सुविधा की पहल, ‘पिंडदान गया जी’ एप पर मिलेगी हर जानकारी
गया जी , 20 सितंबर (आईएएनएस)। देशभर में पितरों की मुक्ति और मोक्ष की कामना के लिए श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले बिहार के गया जी में पितृपक्ष मेला की तैयारियां तेज हो गई हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने इस बार डिजिटल सेवाओं का विस्तार किया है। जिला प्रशासन ने ‘पिंडदान गया जी’ नाम से वेबसाइट और मोबाइल एप तैयार किया है, जिसके माध्यम से श्रद्धालुओं को पिंडदान, आवासन, परिवहन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं से जुड़ी आधिकारिक जानकारी एक ही डिजिटल मंच पर उपलब्ध होगी।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि, इस डिजिटल मंच का उद्देश्य तीर्थयात्रियों को अलग-अलग कार्यालयों और माध्यमों से जानकारी जुटाने की परेशानी से बचाना और उन्हें गया जी आने से पहले ही अपनी यात्रा की बेहतर योजना बनाने में मदद करना है। वेबसाइट पर तीर्थयात्री ऑनलाइन पंजीकरण भी कर सकेंगे। डिजिटल मंच पर पिंडदान की विभिन्न वेदियों, पंडा जी, धार्मिक अनुष्ठानों और उनसे संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा टेंट सिटी, सरकारी आवासन, होटल और अतिथि गृहों की उपलब्धता, क्षमता, कमरों तथा संपर्क विवरण की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी।
यात्रा की योजना बनाने के लिए रेलवे समय-सारणी, हवाई अड्डे से संबंधित जानकारी, परिवहन व्यवस्था, पार्किंग स्थल और किराया सूची जैसी सुविधाएं भी वेबसाइट और मोबाइल एप पर उपलब्ध रहेंगी। मेला क्षेत्र में शौचालय, वॉशरूम, पेयजल केंद्र, स्वास्थ्य शिविर और पुलिस कैंप की जानकारी तथा वहां पहुंचने के लिए दिशा-निर्देश भी डिजिटल मंच पर दिए जाएंगे। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस, अस्पताल, एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविर और अन्य आपातकालीन सेवाओं के संपर्क उपलब्ध कराए गए हैं।
मोबाइल एप में पुलिस, अस्पताल, एंबुलेंस और हेल्पलाइन के लिए त्वरित आपातकालीन कॉल की सुविधा भी दी गई है। मेला के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए खोया-पाया सुविधा को भी डिजिटल मंच से जोड़ा गया है। इसके जरिए लापता व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज करने, मिले हुए व्यक्ति की जानकारी देने और मामले की स्थिति से जुड़े अपडेट प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। इससे परिजनों को संबंधित जानकारी तक पहुंचने में सुविधा होगी और प्रशासन को मामलों के मिलान में मदद मिलेगी।
वेबसाइट पर एकीकृत तीर्थयात्री सहायता चैटबॉट भी उपलब्ध है। इसके माध्यम से आवासन, आपातकालीन संपर्क और विभिन्न सेवाओं के स्थान सहित जरूरी जानकारी शीघ्र प्राप्त की जा सकेगी। साथ ही मेला अवधि में प्रशासनिक घोषणाएं, नवीनतम अपडेट और जनहित से जुड़ी सूचनाएं भी डिजिटल मंच पर उपलब्ध रहेंगी। तीर्थयात्री ऑनलाइन प्रतिक्रिया और शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। इस वर्ष पहली बार बहुभाषीय सुविधा पर भी विशेष जोर दिया गया है।
एआई फीचर के साथ गूगल ट्रांसलेटर की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र में संचालित ‘मे आई हेल्प यू’ काउंटरों पर गूगल ट्रांसलेटर डिवाइस के माध्यम से अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले तीर्थयात्रियों को उनकी भाषा में जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे दूसरे राज्यों और विदेशों से आने वाले श्रद्धालुओं को स्थानीय भाषा की जानकारी समझने में आसानी होगी। मोबाइल एप के जरिए श्रद्धालु यात्रा से पहले और गया पहुंचने के बाद भी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से पितृपक्ष मेला 2026 में आने से पहले ‘पिंडदान गया जी’ वेबसाइट और ‘पिंड दान गया जी’ मोबाइल एप का उपयोग कर आधिकारिक जानकारी प्राप्त करने की अपील की है। जिला प्रशासन का कहना है कि डिजिटल मंच के माध्यम से तीर्थयात्रियों को सही समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराने और उनकी यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित बनाने में सहायता मिलेगी। गयाजी में इस वर्ष पितृपक्ष मेला 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होगा।
--आईएएनएस
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