बिहार अल्पसंख्यक आयोग ने पटना एसएसपी को लिखा पत्र
पटना, 9 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन की बिहार इकाई के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुमार वर्मा के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
आयोग ने वर्मा के उस बयान को धार्मिक वैमनस्य फैलाने वाला और आपसी सौहार्द बिगाड़ने वाला कदम बताया है, जिसमें उन्होंने ज्वेलरी दुकानों में बुर्का या नकाब पहनकर आने वाली महिलाओं के लिए 'नो एंट्री' का नोटिस लगाने का आह्वान किया था।
आयोग के पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया, विभिन्न न्यूज चैनलों और समाचार पत्रों में इस संबंध में वायरल वीडियो और खबरें प्रकाशित होने के बाद यह मामला आयोग के संज्ञान में आया। आयोग का मानना है कि यह फैसला संविधान के अनुच्छेद 19(1)(जी) और अनुच्छेद 21 के तहत मिले अधिकारों का उल्लंघन करता है। वर्मा ने कुछ अपराधिक घटनाओं का हवाला देकर बुर्का पहनने वाली महिलाओं को ज्वेलरी दुकानों में प्रवेश न देने का आह्वान किया है, जिसे आयोग ने आत्मरक्षा के नाम पर विशेष समुदाय की महिलाओं को अपराधी के रूप में चित्रित करने का प्रयास बताया है।
पत्र में एक उदाहरण देते हुए कहा गया है कि बाइक पर सवार अपराधी हेलमेट पहनकर कई अपराध करते हैं, लेकिन क्या इसके आधार पर हेलमेट पहनने पर प्रतिबंध लगा दिया जाए?
आयोग ने कहा कि सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, न कि किसी धर्म या पहनावे को लक्ष्य बनाया जाए। आयोग का मानना है कि इस तरह का बयान समाज में धार्मिक वैमनस्य पैदा करने की कोशिश है।
आयोग ने चेतावनी दी है कि ज्वेलरी दुकानों के सामने से गुजरने वाली बुर्का या नकाब पहनने वाली महिलाओं को शक की नजर से देखना, मानसिक रूप से प्रताड़ित करना या टिप्पणी करना आम हो सकता है। इससे तनावपूर्ण माहौल बन सकता है, जो राज्य की शांति और विधि-व्यवस्था के लिए चुनौती होगा।
आयोग ने इस तरह के बयानों को विधि-सम्मत नहीं माना और कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं के पारंपरिक पहनावे को विशेष रूप से निशाना बनाता है।
आयोग ने पटना एसएसपी से अनुरोध किया है कि वर्मा के बयान के दूरगामी दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए विधि-सम्मत कार्रवाई की जाए और इसकी जानकारी आयोग को दी जाए। आयोग ने पत्र के साथ संबंधित दस्तावेज भी संलग्न किए हैं।
--आईएएनएस
एसएचके/एबीएम

