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बिहार में सोन और घाघरा के बढ़े पानी से गंगा में उफान, पटना में टूटा उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड : विजय चौधरी

बिहार में सोन और घाघरा के बढ़े पानी से गंगा में उफान, पटना में टूटा उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड : विजय चौधरी
बिहार में सोन और घाघरा के बढ़े पानी से गंगा में उफान, पटना में टूटा उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड : विजय चौधरी

पटना, 5 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने शनिवार को कहा कि पिछले दो-तीन दिनों में खासतौर पर गंगा के जलस्तर में काफी वृद्धि हुई है। पटना के गांधीघाट पर गंगा ने इस वर्ष अब तक के उच्चतम जलस्तर (एचएफएल) का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

हालांकि, सोन नदी का जलस्तर घटने और घाघरा नदी के स्थिर होने से अगले 24 घंटे में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। विजय कुमार चौधरी ने कहा कि गांधीघाट पर वर्ष 2016 में 50.52 मीटर का उच्चतम जलस्तर दर्ज किया गया था। इस बार गंगा का जलस्तर इससे भी ऊपर पहुंच गया है। शनिवार को करीब 10:30 से 11 बजे के बीच जलस्तर 50.53 मीटर तक पहुंच चुका था, जो पिछले रिकॉर्ड से एक सेंटीमीटर अधिक है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल गंगा के जलस्तर में कुछ और वृद्धि की संभावना है। हालांकि, विभाग के अधिकारी सभी संवेदनशील और खतरनाक बिंदुओं पर पूरी तरह मुस्तैद हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी रिहायशी इलाके में बाढ़ का पानी न पहुंचे और इसके लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं।

जल संसाधन मंत्री ने गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारणों का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्य रूप से सोन और घाघरा नदियों से अधिक पानी आने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ा है। उन्होंने बताया कि सोन नदी का जलस्तर अब घट रहा है, जबकि घाघरा नदी की स्थिति स्थिर है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले 24 घंटों में बाढ़ की स्थिति सामान्य होने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि आज का दिन चुनौतीपूर्ण है और जल संसाधन विभाग के साथ-साथ प्रशासन तथा सभी जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार नावों की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि लोगों को आवागमन और राहत कार्यों में परेशानी न हो।

विजय चौधरी ने कहा कि सरकार और प्रशासन की पूरी कोशिश है कि बाढ़ की स्थिति में लोगों को कम से कम परेशानी हो और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखी जाएं।

--आईएएनएस

एमएनपी/एएस

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