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बिहार में शराबबंदी पूरी तरह से फेल नहीं, केवल मामूली त्रुटियां : श्याम रजक

बिहार में शराबबंदी पूरी तरह से फेल नहीं, केवल मामूली त्रुटियां : श्याम रजक
बिहार में शराबबंदी पूरी तरह से फेल नहीं, केवल मामूली त्रुटियां : श्याम रजक

पटना, 12 अगस्त (आईएएनएस)। जेडीयू विधायक श्याम रजक ने बिहार में शराबबंदी को 'फेल' बताए जाने को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कानून में मामूली त्रुटियां हो सकती हैं, लेकिन उसे सुधारा जा सकता है।

श्याम रजक ने कहा, "बिहार में शराबबंदी फेल नहीं है। निश्चित रूप से शराबबंदी में कुछ त्रुटि है, जिसे दूर किया जाना चाहिए। यह कहा जा सकता है, लेकिन शराबबंदी को पूरी तरह से फेल कहना गलत है।"

उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद सबसे बड़ी चुनौती अब सूखा नशा बन गई है। सूखा नशा का प्रचलन इधर बढ़ रहा है। सिर्फ बिहार ही नहीं, पूरे देश में सूखा नशा का प्रचलन धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह युवाओं की निराशा है।

उन्होंने कहा, "सरकार को सख्त से सख्त कानून बनाना चाहिए। ऐसे लोगों को सख्त-सख्त सजा देकर इन चीजों की ज्यादा से ज्यादा कमी हो, ऐसा व्यवस्था करना चाहिए। जितनी भी कड़ी सजा हो वो कम होगी।"

बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर द्वारा 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी दिलाने के ऐलान पर श्याम रजक ने कहा कि यह बहुत अच्छी बात है। उनका अपना व्यापार चलता है तो व्यापार चलने में तो उनको आदमी चाहिए ही। वह अपना व्यापार बढ़ाने के लिए लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। अच्छी बात है कि लोग रोजगार लेंगे।

श्याम रजक ने तंज कसते हुए कहा 10 हजार नहीं, पूरे बिहार के हर घर के एक नौजवान को रोजगार दें ताकि लोग अपना जीवन यापन कर पाए। अन्यथा भोली-भाली बातों से कुछ होने वाला नहीं है।"

उन्होंने कहा, "एक चुनाव जीत लेने से अफरा-तफरी में न पड़ें। यह देश है, यह बिहार है, यह पटना है। यहां अच्छे-अच्छे लोगों का बुखार लगाकर के उनको भेज दिया गया है।"

उन्होंने कहा कि विधायक का काम दुख-सुख में भागीदारी देना है। आप दुख-सुख में भागीदारी ना देकर एक व्यापारी के रूप से आप वक्तव्य दे रहे हैं। यह बड़ी दुखद बात है।

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी पेपर लीक के मामले को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन पर रजक ने कहा, "जहां तक पेपर लीक का मामला है और उसके व्यापार का मामला है, अविलंब मेरा आग्रह होगा झारखंड के मुख्यमंत्री से कि तुरंत शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करें। जो भी लोग दोषी हैं उन पर फास्ट ट्रैक कोर्ट लगाकर ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा दी जाए।"

उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वाले देश के होनहार बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए जितनी भी कड़ी सजा हो वो कम होगी।

केंद्र सरकार द्वारा एफसीआरए संशोधन बिल को जेपीसी को भेजे जाने पर रजक ने कहा कि यह राष्ट्रहित का मुद्दा था और इस पर सत्ता और विपक्ष को एक साथ आना चाहिए था। अगर राष्ट्रहित में लोग सोचते तो पूरा सत्ता-विपक्ष, पूरा सदन एकमत होकर के ऐसे बिल को पास करता। उन्होंने कहा कि अब जेपीसी में समीक्षा होगी। समीक्षा के बाद अगर कुछ त्रुटिपूर्ण है तो उसमें सुधार करके फिर पास होगा।

15 अगस्त को लेकर चल रहे "हर घर तिरंगा" अभियान पर श्याम रजक ने कहा कि तिरंगा सिर्फ कपड़े का टुकड़ा नहीं है। यह देश के जवानों की कुर्बानी और लंबे संघर्ष की निशानी है। उन्होंने कहा कि तिरंगा स्वाभिमान और सम्मान का प्रतीक है। इसलिए हर भारतीय, हर देशवासी को उस राष्ट्रीय ध्वज के नीचे नतमस्तक होना चाहिए और होते भी हैं। तिरंगा ना किसी जाति का है ना किसी धर्म का है बल्कि भारतवर्ष का है।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस

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