बिहार में कानून व्यवस्था के लिए खरीदे जाएंगे 30 वाटर कैनन और 86 वज्र वाहन, कैबिनेट ने 62.52 करोड़ रुपए की मंजूरी दी
पटना, 30 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार 30 वाटर कैनन और 86 नए वज्र वाहनों की खरीद करेगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इसके लिए कुल 62.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। बैठक में ऊर्जा, सड़क, आवास, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और अन्य विभागों से जुड़े कुल 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार, 30 वाटर कैनन की खरीद के लिए प्रति वाहन 88 लाख रुपए की दर से 26.40 करोड़ रुपए तथा 86 नए वज्र वाहनों के लिए प्रति वाहन 42 लाख रुपए की दर से 36.12 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। दोनों मदों को मिलाकर कुल 62.52 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
सरकार का उद्देश्य कानून-व्यवस्था से जुड़ी परिस्थितियों में पुलिस बल की त्वरित कार्रवाई और संसाधनों को मजबूत करना है। बैठक में ऊर्जा विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। मंत्रिपरिषद ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी। इसके अलावा कैमूर और रोहतास जिलों की 177 बसावटों (जिनमें 132 गांव शामिल हैं) के 21,644 घरों को ग्रिड से विद्युतीकरण करने के लिए आरडीएसएस के तहत स्वीकृत योजना की पुनरीक्षित लागत 117.80 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 351.85 करोड़ रुपए करने की मंजूरी दी गई।
राज्य के शेष 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के लिए भी बड़ा फैसला लिया गया। कुल 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए 2,714.25 करोड़ रुपए के अनुदान और 946 विद्युत उपकेंद्रों में योजना के क्रियान्वयन पर ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन के लिए 47.30 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई। इस तरह कुल 2,761.55 करोड़ रुपए का अनुदान स्वीकृत किया गया।
आवास के क्षेत्र में बहादुरपुर सेक्टर-6 की जर्जर आवासीय कॉलोनी के स्व-वित्तपोषित पुनर्विकास के लिए एनबीसीसी के साथ एमओयू करने को मंजूरी दी गई। बहादुरपुर सेक्टर-5 में टीवी टावर के निकट 8.5 एकड़ भूखंड पर परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भी एनबीसीसी के साथ समझौते की अनुमति दी गई। पथ निर्माण विभाग से जुड़े फैसलों में तारापुर बाईपास के लिए 115.90 करोड़ रुपए, रनगांव-भागलपुरा पथ से धौनी तक बाईपास के लिए 87.63 करोड़ रुपए तथा मीठापुर-महुली एलिवेटेड पथ से डाउन रैम्प और परसा-संपतचक पथ पर एट-ग्रेड पथ के निर्माण के लिए 82.26 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत टेक होम राशन के लिए रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत खाद्य उत्पादों की आपूर्ति हेतु कॉम्फेड को पीपीपी मोड में 15 वर्षों के लिए निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं के चयन की अनुमति दी। कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 871 संचालकों के माध्यम से कार्यक्रम जारी रखने को भी स्वीकृति मिली। पटना में विश्वस्तरीय क्रूज टर्मिनल विकसित करने के लिए सबलपुर, दियारा और दुजरा दियारा में दो-दो एकड़ असर्वेक्षित भूमि भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण को 25 वर्षों के लिए अस्थायी लीज पर देने की मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य में हीमोफीलिया मरीजों के बेहतर उपचार के लिए मुख्यमंत्री हीमोफीलिया योजना को मंजूरी दी गई। योजना के पहले वर्ष के लिए 26.33 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।
वहीं, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका समेत संबंधित कर्मियों के मानदेय भुगतान के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से 477 करोड़ रुपए के अग्रिम की स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिपरिषद ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं कम्प्यूटर विज्ञान विश्वविद्यालय तथा शहीद जुब्बा सहनी वास्तुकला एवं असैनिक अभियंत्रण विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों के लिए 34-34 पदों के सृजन को मंजूरी दी।
इसके अलावा आरसीएस हवाई अड्डों पर विमान ईंधन पर वैट एक प्रतिशत से घटाकर शून्य करने, बिहार के लिए एविएशन विजन एवं पॉलिसी तैयार करने, सप्तम राज्य वित्त आयोग की अंतरिम अनुशंसाओं को 2026-27 और 2027-28 में लागू करने तथा मुंगेर मे एनएच-333 के गंगटा जंगल हिस्से के चौड़ीकरण-सुदृढ़ीकरण के लिए 51.22 करोड़ रुपए के प्रशासनिक स्वीकृति आदेश की घटनोत्तर स्वीकृति समेत अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।
--आईएएनएस
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