बिहार में ऐपवा और आइसा निकालेगी ‘बेटी बचाओ-न्याय यात्रा’
पटना, 27 जनवरी (आईएएनएस)। अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) और आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) पटना के एक छात्रावास में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत सहित प्रदेश में हत्या और दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ बेटी बचाओ न्याय यात्रा निकालेगी।
ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि बिहार में महिलाओं और छात्राओं के खिलाफ हिंसा अब अपवाद नहीं, बल्कि एक खतरनाक चलन बन चुका है। औरंगाबाद की एक नीट की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत का मामला सामने आया है।
पूरे बिहार में छात्राओं के साथ यौन हिंसा, संदिग्ध मौत और हत्याओं की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार अपराधियों को संरक्षण दे रही है। छात्रा की मौत के मामले में जिस तरह से लगातार तथ्य सामने आ रहे हैं, उसने सरकार और पुलिस–प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एफएसएल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि ने पुलिस के झूठे दावों और जल्दबाज़ी में गढ़े गए नैरेटिव को बेनकाब कर दिया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित छात्रा ने अस्पताल में अपनी मां के सामने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि उसके साथ गलत हुआ है और परिजनों ने उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान देखे। इसके बावजूद पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दुष्कर्म से इनकार कर दिया।
पीड़ित परिवार एसआईटी जांच से संतुष्ट नहीं है और सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। अगर सरकार की नीयत साफ है तो स्वतंत्र जांच से डर क्यों? उन्होंने कहा कि सरकार इस पूरे मामले में कठघरे में है और पूरे बिहार में इसके खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इन्हीं सवालों और न्याय की मांग को लेकर ऐपवा और आइसा द्वारा ‘बेटी बचाओ-न्याय यात्रा’ निकाली जाएगी। यह यात्रा जहानाबाद से शुरू होकर औरंगाबाद सहित मगध प्रक्षेत्र के विभिन्न जिलों से गुजरेगी। यह यात्रा चार से 10 फरवरी तक होगी और 11 फरवरी को विधानसभा मार्च आयोजित किया जाएगा। संवाददाता सम्मेलन में ऐपवा की महासचिव के साथ दिव्या गौतम और आइसा की प्रदेश अध्यक्ष प्रीति कुमारी तथा सह-सचिव कुमार दिव्यम उपस्थित रहीं।
--आईएएनएस
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