Samachar Nama
×

बिहार में डिजिटल कृषि, डीबीटी और पारदर्शी व्यवस्था से सशक्त हो रहे किसान: रामकृपाल यादव

पटना, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छोटे एवं सीमांत किसानों को विकास की मुख्यधारा में लाना तथा उनकी आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बिहार में डिजिटल कृषि, डीबीटी और पारदर्शी व्यवस्था से सशक्त हो रहे किसान: रामकृपाल यादव

पटना, 18 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक एवं लाभकारी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छोटे एवं सीमांत किसानों को विकास की मुख्यधारा में लाना तथा उनकी आय बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

रामकृपाल यादव ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सरकार का स्पष्ट संकल्प 'कृषि को लाभकारी, आधुनिक और सम्मानजनक पेशा बनाना' है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ एवं स्मार्ट खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे, इसके लिए डीबीटी एवं डिजिटल प्रणाली को मजबूत किया गया है तथा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। भ्रष्टाचार एवं बिचौलिया व्यवस्था पर सख्त नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता है।

मंत्री ने दोहराते हुए कहा कि 'समृद्ध किसान- विकसित बिहार' सरकार का लक्ष्य है और इसी दिशा में कृषि विभाग निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने घोषणा की कि विधानमंडल सत्र समाप्त होने के उपरांत विभाग प्रत्येक जिले में जाकर किसानों, वैज्ञानिकों, कृषि उद्यमियों एवं नवाचारी युवाओं के साथ संवाद करेगा, ताकि कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने राज्य के कृषि रोडमैप की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सुनियोजित रणनीति और समन्वित प्रयासों से बिहार कृषि विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की बड़ी आबादी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है, इसलिए किसानों की आय में सतत वृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की आधारशिला है।

उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे परंपरागत फसलों के साथ-साथ उच्च मूल्य वाली, कम अवधि में बेहतर प्रतिफल देने वाली एवं बाजार की मांग के अनुरूप फसलों की खेती की ओर भी अग्रसर हों। कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने राज्य में कृषि क्षेत्र की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में धान, गेहूं एवं मक्का के उत्पादन तथा उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। साथ ही, दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्य किया जा रहा है।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी

Share this story

Tags