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बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले, पीपीपी मॉडल पर 16 मेडिकल कॉलेजों के संचालन को मंजूरी

बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले, पीपीपी मॉडल पर 16 मेडिकल कॉलेजों के संचालन को मंजूरी
बिहार मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले, पीपीपी मॉडल पर 16 मेडिकल कॉलेजों के संचालन को मंजूरी

पटना, 5 अगस्त (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, खेल, न्यायिक व्यवस्था, जलापूर्ति, पर्यटन, संस्कृति और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। इन फैसलों के जरिए सरकार ने आधारभूत संरचना के विकास, प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और सार्वजनिक सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया है।

बैठक में सबसे प्रमुख निर्णय 'सात निश्चय-3' के तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर राज्य के 16 ब्राउनफील्ड चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पतालों, जिनमें डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल भी शामिल हैं, के संचालन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रहा। इसके लिए ट्रांजैक्शन एडवाइजर के रूप में प्राइसवाटरहाउसकूपर्स प्राइवेट लिमिटेड (पीडब्ल्यूसी) को चयनित करते हुए 8.27 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।

कैबिनेट ने खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी परिसर में 'स्पोर्ट्स साइंस सेंटर' की स्थापना और संचालन को भी मंजूरी दी। इस परियोजना पर लगभग 25 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं, ज्ञान भारतम मिशन के तहत प्राचीन पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और मेटाडाटा निर्माण की योजना के लिए 6.23 करोड़ रुपए से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

बैठक में शहरी जलापूर्ति को मजबूत करने के लिए अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत जमालपुर जलापूर्ति परियोजना के लिए 102.22 करोड़ रुपए तथा मुंगेर जलापूर्ति परियोजना (फेज-1) के लिए 177.72 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। उद्योग विभाग के अंतर्गत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) निदेशालय के पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत मुख्यालय और क्षेत्रीय स्तर पर पदों के पुनर्संरचना का निर्णय लिया गया। साथ ही कला एवं संस्कृति विभाग के पुरातत्व निदेशालय में तकनीकी पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति का भी निर्णय लिया गया।

न्यायिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पूर्णिया, भागलपुर और गया प्रमंडल में एनडीपीएस अधिनियम के मामलों की सुनवाई हेतु विशेष न्यायालयों के गठन के लिए 27 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए राज्य के विभिन्न जिलों में 19 अतिरिक्त विशेष न्यायालय स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए 171 पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई। सामाजिक कल्याण विभाग के तहत संचालित एवं प्रस्तावित बाल गृहों, बालिका गृह, विशेष गृह और सुरक्षित स्थानों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए 330 गृह रक्षकों की तैनाती तथा इस मद में लगभग 14.53 करोड़ रुपए के वार्षिक व्यय को मंजूरी दी गई।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बिहार आयुष चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026 में संशोधन को स्वीकृति दी गई। साथ ही बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पटना के प्रशासनिक कार्यों के लिए छह नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया। राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज, पटना में दो सुपरन्यूमरेरी पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई। पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 के तहत हेलीकॉप्टर सेवा के संचालन के लिए निर्धारित वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अलावा पूर्वी चंपारण जिले में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए राज्य सरकार की भूमि 30 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने गृह विभाग के प्रस्ताव पर नवादा जिले में बिहार औद्योगिक सुरक्षा बल (बीआईएसएफ) की स्थापना के लिए लगभग 44 एकड़ सरकारी भूमि के नि:शुल्क अंतर्विभागीय हस्तांतरण को भी स्वीकृति प्रदान की। साथ ही 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के सफल आयोजन के लिए 6.12 करोड़ रुपए के व्यय को मंजूरी दी गई।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी

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