बिहार को फाइलेरिया उन्मूलन में मिली वैश्विक सराहना, यह एनडीए सरकार के प्रयासों का परिणाम : संजय झा
पटना, 7 जुलाई (आईएएनएस)। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने मंगलवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा बिहार को लिम्फेटिक फाइलेरिया (हाथीपांव) उन्मूलन की दिशा में मिली सराहना पूरे राज्य के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पिछले दो दशकों में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और स्वास्थ्य कर्मियों को सशक्त बनाने के सुनियोजित प्रयासों का परिणाम है।
संजय कुमार झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा कि इस वर्ष पहली बार बिहार के अररिया, मधेपुरा और सुपौल जिलों ने ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टीएएस-1) के कड़े मानदंडों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसके बाद इन जिलों में सामूहिक दवा वितरण अभियान बंद कर निगरानी चरण में प्रवेश किया जा सकेगा। उन्होंने इसे वर्ष 2027 तक भारत से फाइलेरिया उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि यह सफलता पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा बीते 20 वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत करने का परिणाम है। उनके अनुसार, राज्य के प्रत्येक प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया तथा स्वास्थ्यकर्मियों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को प्रभावी ढंग से प्रशिक्षित और सशक्त बनाया गया।
जदयू नेता ने कहा कि राज्य सरकार ने 'डायरेक्टली ऑब्जर्व्ड ट्रीटमेंट' (डीओटी) प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू किया, जिसके तहत केवल दवाओं का वितरण ही नहीं किया गया, बल्कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में मरीजों को दवा का सेवन भी सुनिश्चित कराया गया। इससे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को वास्तविक उपचार कवरेज में बदलने में सफलता मिली।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल सरकार की नहीं, बल्कि लाखों स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नीतीश कुमार के नेतृत्व में शुरू हुई विकास यात्रा को वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार आगे बढ़ा रहे हैं।
संजय कुमार झा ने कहा कि राज्य सरकार जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। इससे आम लोगों को इलाज के लिए बड़े शहरों या मेडिकल कॉलेजों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बिहार आने वाले वर्षों में भी स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करता रहेगा।
--आईएएनएस
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