बिहार की पहली रिवर लिंक परियोजना का शुभारंभ, बेलवा से बूढ़ी गंडक तक पहुंचा बागमती का पानी
शिवहर, 19 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार के जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था के क्षेत्र में रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया। सीएम सम्राट चौधरी ने शिवहर जिले में राज्य की पहली नदी जोड़ो (रिवर लिंक) परियोजना का उद्घाटन किया। इसके साथ ही बेलवा डैम से बागमती नदी का पानी लिंक चैनल के माध्यम से मुजफ्फरपुर के मीनापुर स्थित बूढ़ी गंडक नदी की ओर प्रवाहित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
सीएम सम्राट चौधरी ने 130 करोड़ 88 लाख रुपए की लागत से निर्मित बेलवा-मीनापुर लिंक चैनल का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने शिवहर जिले में कुल 184 करोड़ 6 लाख 82 हजार रुपए की विभिन्न विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना बिहार के जल संसाधनों के समेकित और वैज्ञानिक प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल सुरक्षा, सिंचाई विस्तार और बाढ़ प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रही है। उनके अनुसार, यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'समेकित जल संसाधन प्रबंधन' के विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बागमती-बूढ़ी गंडक रिवर लिंक योजना के तहत बेलवा (शिवहर) से मीनापुर (मुजफ्फरपुर) तक लगभग 68.80 किलोमीटर लंबा लिंक चैनल तैयार किया गया है। 130.88 करोड़ रुपए की इस परियोजना का उद्देश्य बाढ़ के अतिरिक्त जल का बेहतर प्रबंधन करना, सिंचाई क्षमता बढ़ाना तथा किसानों को वर्ष भर पर्याप्त जल उपलब्ध कराना है।
सरकार का दावा है कि इससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। शिवहर के अंतिम छोर और पूर्वी चंपारण की सीमा से सटे बेलवा में बने डैम के शुरू होने से शिवहर, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर जिले को सीधा लाभ मिलेगा। सरकार के अनुसार इस परियोजना से करीब 50 लाख किसानों को लाभ पहुंचेगा तथा लगभग 1.39 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि के लिए सिंचाई की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
राज्य सरकार का कहना है कि यह परियोजना सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ हर वर्ष बागमती नदी से आने वाली बाढ़ के प्रभाव को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, बाढ़ के अतिरिक्त पानी को लिंक चैनल के माध्यम से बूढ़ी गंडक नदी में पहुंचाए जाने से जल निकासी बेहतर होगी और प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। सरकार इसे बिहार में जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और संतुलित जल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मान रही है।
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