बिहार के राज्यपाल से मिले पप्पू यादव, जमुई की घटना पर दोषियों के स्पीडी ट्रायल चला कर कठोरतम सजा की रखी मांग
पटना, 23 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बुधवार को बिहार के राज्यपाल से मुलाकात कर जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ और उसका वीडियो वायरल किए जाने की घटना, महिलाओं एवं बच्चियों की सुरक्षा तथा राज्य में बाढ़ की स्थिति को लेकर चर्चा की। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष विभिन्न मामलों से संबंधित दस्तावेज और अपनी मांगें भी रखीं।
पप्पू यादव ने जमुई मामले में निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा कि सभी दोषियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक अदालत में मुकदमा चलाकर कठोरतम सजा दिलाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यौन हिंसा के मामलों में यदि कोई नेता, अधिकारी, पुलिसकर्मी या शिक्षक दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कानून के तहत सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जमुई की घटना को केवल एक जिले तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, अस्पताल, डिग्री कॉलेज, वाटर पार्क और अन्य संवेदनशील एवं सुनसान स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने चाहिए, ताकि अपराध की रोकथाम के साथ जांच को भी मजबूत किया जा सके। सांसद ने पीड़िता और उसके परिवार की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने, सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा आवश्यक मनोवैज्ञानिक और आर्थिक सहायता देने की मांग की।
उन्होंने सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही, मामले में पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र समीक्षा कराने की बात कही। पप्पू यादव ने कहा कि अपराधियों की पहचान जाति या राजनीतिक पहचान से नहीं, बल्कि उनके अपराध से होनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से भी आपराधिक मामलों में आरोपित लोगों को संरक्षण नहीं देने की अपील की।
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सीमांचल से बक्सर तक बाढ़ और जलजमाव से प्रभावित लोगों के लिए केंद्र से 5,000 करोड़ रुपए के विशेष राहत पैकेज की मांग की। उन्होंने कहा कि इस राशि से फसल, मकान और पशुधन की क्षति की भरपाई के साथ प्रभावित परिवारों को राहत दी जानी चाहिए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
पप्पू यादव के मुताबिक, राज्यपाल ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और बाढ़ के मुद्दे पर प्रधानमंत्री एवं केंद्र सरकार को अवगत कराने तथा मुख्यमंत्री को पत्र लिखने का आश्वासन दिया।
--आईएएनएस
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