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बिहार के मंत्री लखेंद्र पासवान का दावा- 'बांकीपुर में कमल के अलावा कुछ नहीं', प्रशांत किशोर पर भी साधा निशाना

बिहार के मंत्री लखेंद्र पासवान का दावा- 'बांकीपुर में कमल के अलावा कुछ नहीं', प्रशांत किशोर पर भी साधा निशाना
बिहार के मंत्री लखेंद्र पासवान का दावा- 'बांकीपुर में कमल के अलावा कुछ नहीं', प्रशांत किशोर पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली/पटना, 19 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार सरकार में मंत्री लखेंद्र पासवान ने बांकीपुर उपचुनाव में जीत का भरोसा जताया है। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर में भाजपा के कमल के निशान के अलावा और कुछ नहीं है।

मंत्री लखेंद्र पासवान ने दिल्ली में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "बांकीपुर विधानसभा सीट भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की पारंपरिक सीट रही है। आप देख सकते हैं कि पिछले 30 सालों से एनडीए और भारतीय जनता पार्टी लगातार वहां से जीतती आ रही है। मैं अभी कई कार्यक्रमों में शामिल होकर बांकीपुर से लौटा हूं। अगर आप वहां के लोगों से पूछेंगे, तो वे आपको बताएंगे कि वहां भाजपा के कमल के निशान के अलावा और कुछ नहीं है।"

पासवान ने कहा कि पिछली बार बांकीपुर में 51 हजार वोटों के अंतर से भारतीय जनता पार्टी को जीत मिली थी। भाजपा के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन वहां से चुनकर आए थे। उन्होंने दावा किया, "पिछली बार के मुकाबला इस बार अधिक मार्जन से हम चुनाव जीतेंगे। पार्टी ने एक बूथ स्तर के कार्यकर्ता को प्रत्याशी बनाया है। उनकी तुलना प्रशांत किशोर के साथ की जा रही है। समझिए कि हमारे बूथ अध्यक्ष के खिलाफ प्रशांत किशोर चुनाव लड़ रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "बांकीपुर में चुनावी लड़ाई से प्रशांत किशोर बिल्कुल बाहर रहेंगे। पिछले विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर प्रशांत किशोर के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई थी। इस बार प्रशांत किशोर अपना रिकॉर्ड स्वयं तोड़ेंगे, क्योंकि उपचुनाव में भी उनकी जमानत जब्त होगी।"

लखेंद्र पासवान ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के धरना प्रदर्शन को लेकर कहा कि एनडीए सरकार जनकल्याण, सुरक्षा और लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती है।

सोनम वांगचुक को धरना स्थल से अस्पताल में शिफ्ट किए जाने पर उन्होंने कहा, "विरोध-प्रदर्शन या धरना देना हर व्यक्ति का अधिकार है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक धरने पर बैठा रहता है, तो भारत सरकार को उस व्यक्ति की सेहत की चिंता होती है। सुरक्षा की दृष्टि से ही भारत सरकार और पुलिस प्रशासन ने ऐसा कदम उठाया।"

--आईएएनएस

डीसीएच/

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