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बिहार सरकार का बड़ा कदम: टिश्यू कल्चर लैब स्थापित करने के लिए आवेदन आमंत्रित

बिहार सरकार का बड़ा कदम: टिश्यू कल्चर लैब स्थापित करने के लिए आवेदन आमंत्रित

बिहार सरकार ने राज्य में बागवानी और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य सरकार अब टिश्यू कल्चर लैब स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों और किसानों से आवेदन आमंत्रित कर रही है। इस लैब के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले पौधे और बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि और आय में सुधार संभव होगा।

राज्य के कृषि और बागवानी विभाग ने बताया कि यह योजना विशेष रूप से उन किसानों और उद्यमियों के लिए है जो आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाना चाहते हैं। टिश्यू कल्चर तकनीक के जरिए पौधों की तेज़ी से और रोगमुक्त वृद्धि की जा सकती है। यह तकनीक विशेष रूप से फलदार और हाइब्रिड पौधों के उत्पादन के लिए उपयोगी मानी जाती है।

आवेदन प्रक्रिया: इच्छुक किसान और उद्यमी अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 तय की गई है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से होगी, जिससे उम्मीदवारों को सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित हो। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवेदन भरते समय सभी आवश्यक दस्तावेज और जानकारी सही-सही दर्ज करनी होगी।

विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चयनित उद्यमियों और किसानों को टिश्यू कल्चर लैब स्थापित करने के लिए तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, लैब में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और संसाधनों की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि टिश्यू कल्चर लैब के माध्यम से किसानों को रोगमुक्त पौधे और बीज मिलना उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा। साथ ही, इससे राज्य में फल और फूलों की खेती का स्तर भी सुधरेगा। आधुनिक बागवानी तकनीक अपनाने वाले किसान बेहतर और तेजी से उत्पादन कर पाएंगे।

इस योजना का उद्देश्य न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाना है, बल्कि बिहार में बागवानी उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना भी है। सरकार का मानना है कि यह पहल किसानों को वैज्ञानिक तरीके अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी और राज्य के कृषि क्षेत्र में नवाचार लाएगी।

बागवानी विभाग ने किसानों और उद्यमियों से अपील की है कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करें और आवेदन प्रक्रिया में पूरी जानकारी सही ढंग से भरें। विभाग ने यह भी कहा कि लैब स्थापित करने के लिए चयनित आवेदकों को आवश्यक प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन दिया जाएगा।

राज्य सरकार की यह पहल बिहार में बागवानी और कृषि के क्षेत्र में नई ऊर्जा लाएगी। किसानों को उन्नत तकनीक के माध्यम से पौधे और बीज उपलब्ध कराने से कृषि उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। इससे छोटे और मध्यम किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी और राज्य में कृषि उद्योग को मजबूत आधार मिलेगा।

इस योजना के तहत चयनित किसान और उद्यमी टिश्यू कल्चर तकनीक का इस्तेमाल कर फलदार और सजावटी पौधों के उत्पादन में सुधार कर सकेंगे। साथ ही, यह कदम बिहार को कृषि और बागवानी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

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