बिहार : गोपालगंज के कई गांवों में पहुंचा गंडक का पानी, बच्चों की किताबें भी नहीं बचा पाए परिवार
गोपालगंज, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के गोपालगंज जिले में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने और तटबंध टूटने के बाद बैकुंठपुर प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल गया है। बांसघाट मसुरियां, शीतलपुर, खोम्हारीपुर और दीपउ-पकड़ी समेत कई गांवों में घरों और सड़कों पर पानी भर गया है।
बाढ़ के कारण लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है और कई परिवारों के सामने भोजन, सुरक्षित ठिकाने और जरूरी सामान की चिंता खड़ी हो गई है। बांसघाट मसुरियां गांव में बाढ़ की स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, तटबंध टूटने के बाद रात में अचानक पानी तेजी से बढ़ा और देखते ही देखते घरों में घुस गया। लोगों को अपना सामान समेटने तक का मौका नहीं मिला। कई परिवार किसी तरह बच्चों और बुजुर्गों को लेकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। बाढ़ पीड़ित मालती देवी ने बताया कि घर में रखा अनाज, कपड़े और बच्चों की किताबें पानी में बर्बाद हो गईं। परिवार के सामने अब रहने और खाने की समस्या है। सुधा देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों के साथ-साथ लंबे समय से जुटाई गई घरेलू सामग्री को भी बर्बाद कर दिया है। बाढ़ का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। प्रभावित इलाकों के कई स्कूलों में पानी प्रवेश कर गया है, जिसके कारण पढ़ाई बाधित हो गई है। कई स्कूल परिसरों में पानी जमा होने से बच्चों और शिक्षकों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। वहीं, खेतों में पानी भरने से गन्ना, मक्का और धान की फसलों को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रभावित गांवों में राहत सामग्री पहुंचाने के साथ नावों की संख्या बढ़ाने की मांग की है, ताकि जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सके।
जिला प्रशासन के अनुसार, गंडक नदी के बढ़े जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है। अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय, अनुमंडल पदाधिकारी गोपालगंज डॉ. प्रेरणा सिंह, अंचलाधिकारी रजत वर्णवाल और अन्य पदाधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। प्रभावित लोगों के लिए पांच स्थानों पर सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है। रामपुर टेंगराही, जागीरीटोला के मंगुराहा मध्य विद्यालय, मेहंदिया हीरा पकड़, कटघरवा के रामनगर और राजवाही में लोगों को नियमित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल और पशु चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं, जहां लोगों की स्वास्थ्य जांच, दवाओं की उपलब्धता और पशुओं के उपचार की व्यवस्था की जा रही है। 14 नावों से बचाव अभियान राहत और बचाव कार्य के लिए 14 सरकारी एसडीआरएफ एवं निबंधित नावों का परिचालन किया जा रहा है। इनके जरिए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम जारी है।
प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और अतिरिक्त पदाधिकारी-कर्मियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। बाढ़ से प्रभावित परिवारों की निगाहें अब प्रशासन की राहत व्यवस्था पर टिकी हैं। घर और सामान गंवा चुके ग्रामीणों को उम्मीद है कि उन्हें जल्द भोजन, आवश्यक सामग्री और नुकसान के बाद आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
--आईएएनएस
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