बिहार: एक साल पहले आत्महत्या का मामला, महिला के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद हत्या की एफआईआर
मोतिहारी, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में करीब एक साल पहले संदिग्ध परिस्थिति में हुई महिला की मौत के मामले में नया मोड़ आया है। मृतका के साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को हत्या के रूप में दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन किया है।
पुलिस के अनुसार, संग्रामपुर थाना क्षेत्र के परसौना गांव निवासी मनीषा देवी, पत्नी निकेश कुमार सिंह की 2 अक्टूबर 2025 को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हुई थी। वह फांसी के फंदे से लटकी मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी और मृतका के परिजनों एवं ग्रामीणों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कराते हुए शव को फंदे से उतारा गया था। उस समय मृतका के परिजनों ने किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई थी।
मृतका के भाई सुमित कुमार सिंह ने पुलिस को लिखित आवेदन देकर कहा था कि उनकी बहन ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है और इसमें किसी का कोई दोष नहीं है। उन्होंने पोस्टमार्टम नहीं कराने तथा अपनी इच्छा से शव का अंतिम संस्कार करने की बात कही थी। इसके आधार पर पुलिस ने सनहा दर्ज किया था और शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था।
पुलिस के मुताबिक, करीब एक वर्ष बाद मृतका के भाई को एक वीडियो मिला, जिसमें कथित तौर पर मनीषा देवी के साथ उसके ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा मारपीट किए जाने का दृश्य है। वीडियो सामने आने के बाद उन्होंने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अरेराज के समक्ष आवेदन देकर अपनी बहन की मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया।
एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि वीडियो को देखने के बाद पुलिस को प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। इसके बाद संग्रामपुर थाना में 26 सितंबर 2026 को कांड संख्या 356-26 के तहत हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि मामले में अब तक पांच लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें तीन प्राथमिकी अभियुक्त और दो अप्राथमिकी अभियुक्त हैं। पुलिस इन सभी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
एसपी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीपीओ अरेराज के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। आरोपियों के खिलाफ वारंट के लिए भी न्यायालय में आवेदन किया गया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और अनुसंधान में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो कब का है, इसकी भी वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जाएगी। वीडियो को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) भेजा जाएगा, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो घटना से पहले, बाद या घटना वाले दिन का है। एसपी ने यह भी बताया कि मृतका के परिजनों ने तत्कालीन थानाध्यक्ष पर भी आरोप लगाए हैं। इस संबंध में अलग से जांच की जा रही है। यदि पुलिस स्तर पर किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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