बिहार: दो साल पहले अपहृत युवक का कंकाल बरामद, अपहरण के आरोप में दो गिरफ्तार
गोपालगंज, 19 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार के गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र से दो साल पहले लापता युवक के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने एक नाले से कंकाल और सिर का हिस्सा बरामद किया है।
दावा किया गया है यह कंकाल उसी अपहृत युवक का है। पुलिस के एक अधिकारी ने रविवार को इस मामले का खुलासा करते हुए दावा किया कि इस मामले में मृतक के दो दोस्तों को गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, यह पूरा मामला 25 माह पहले का है, जब कुचायकोट के सासामुसा का रहने वाला चंदन अचानक लापता हो गया। वह घर से दोस्तों के साथ निकला था, लेकिन उस दिन के बाद वह वापस नहीं लौटा। बाद में परिजनों ने युवक के अपहरण की आशंका को लेकर कुचायकोट थाना में लिखित शिकायत की थी। लेकिन कुछ परिणाम नहीं निकला। लेकिन दो साल से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद पुलिस ने हत्याकांड की गुत्थी सुलझा लेने का दावा किया है।
घटना कुचायकोट के सासामुसा की है। आज पुलिस ने अपहृत चंदन का कंकाल बरामद किया है, जिसकी पहचान परिजनों ने की है। मृतक का कंकाल सासामुसा के नाले से बरामद किया गया है। यह बरामदगी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कुचायकोट पुलिस ने की है। बताया गया कि मृतक के परिजनों ने पिछले दिनों पुलिस के आला अधिकारियों से मिलकर इस मामले की जानकारी मांगी थी।
गोपालगंज पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने इस अपहरण कांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। इस टीम ने परिजनों से मिले इनपुट, पुराने कॉल डिटेल्स, मोबाइल लोकेशन और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर उसके दो दोस्तों दीपक कुमार और मन्नू कुमार को हिरासत में लिया। उनसे सख्ती से पूछताछ की गई। जिसके बाद पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर दिया। पुलिस ने दोनों दोस्तों से पूछताछ के बाद दंडाधिकारी की मौजूदगी में सासामुसा के नाले की जेसीबी से खुदाई की, जिसके बाद एक कंकाल और सिर का हिस्सा बरामद किया गया है।
दावा किया गया है कि यह कंकाल अपहृत चंदन का है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने स्वीकार किया है कि चंदन का जिस दिन अपहरण किया गया था, उसी दिन उसकी हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया गया था। पुलिस ने मृतक के दोनों दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस बरामद कंकाल का वैज्ञानिक टेस्ट भी कराने की योजना बना रही है, जिससे इस बात की पुष्टि हो सके।
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