बिहार: साइबर अपराधों की रोकथाम को लेकर मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक
भागलपुर, 17 जुलाई (आईएएनएस)। बिहार में साइबर अपराधों की प्रभावी रोकथाम, त्वरित कार्रवाई, तथा आमजन के बीच साइबर सुरक्षा के प्रति व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बिहार के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में राज्य के सभी जिलाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों/पुलिस अधीक्षकों, साइबर प्रकोष्ठ के पुलिस उपाधीक्षकों (डीएसपी साइबर) सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
बैठक के दौरान साइबर अपराधों की वर्तमान स्थिति, साइबर ठगी के बदलते स्वरूप, मामलों के त्वरित निष्पादन, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, अंतरराज्यीय समन्वय, तथा साइबर अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी एवं समयबद्ध कार्रवाई की समीक्षा की गई। सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि साइबर अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
बैठक में बिहार पुलिस द्वारा संचालित विशेष अभियान 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' की समीक्षा की गई। इस अभियान के अंतर्गत साइबर अपराधियों के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई, साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों एवं मोबाइल नंबरों पर त्वरित कार्रवाई, तकनीकी विश्लेषण, अंतरराज्यीय समन्वय तथा साइबर नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। सभी जिलों को अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए नियमित कार्रवाई एवं उसकी सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर अपराध की रोकथाम केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि जन-जागरूकता से भी सीधे जुड़ा हुआ है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, बैंकिंग संस्थानों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों एवं अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिक साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों से सतर्क रह सकें।
पुलिस महानिदेशक ने सभी पुलिस अधीक्षकों एवं साइबर इकाइयों को साइबर अपराधों के मामलों में त्वरित प्रतिक्रिया, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग, साइबर हेल्पलाइन के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार और समन्वित कार्रवाई ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि दिनांक 21 जुलाई 2026 को पूरे बिहार में 'साइबर मंगलवार' के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर सभी जिलों में विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, सरकारी कार्यालयों, बैंक शाखाओं तथा सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा संबंधी कार्यक्रम, जागरूकता रैलियां, कार्यशालाएं एवं संवाद आयोजित किए जाएंगे। साथ ही आम नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, साइबर ठगी से बचाव के उपाय तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के उपयोग के संबंध में जानकारी दी जाएगी।
बैठक के अंत में सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि साइबर अपराधों के विरुद्ध “रोकथाम, त्वरित कार्रवाई एवं व्यापक जन-जागरूकता” की रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए राज्य सरकार की पहल 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' को सफल बनाया जाए तथा “साइबर मंगलवार” को जनभागीदारी का एक व्यापक अभियान बनाकर साइबर सुरक्षित बिहार के लक्ष्य को साकार किया जाए।
--आईएएनएस
एमएस/

