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बिहार कैबिनेट ने 24 एजेंडों पर लगाई मुहर, वारिसलीगंज में नई चीनी मिल को मंजूरी

बिहार कैबिनेट ने 24 एजेंडों पर लगाई मुहर, वारिसलीगंज में नई चीनी मिल को मंजूरी
बिहार कैबिनेट ने 24 एजेंडों पर लगाई मुहर, वारिसलीगंज में नई चीनी मिल को मंजूरी

पटना, 23 सितंबर (आईएएनएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में 24 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी। सरकार ने नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की स्थापना, पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना, कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास की आठ परियोजनाओं तथा पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि वारिसलीगंज में नई चीनी मिल की स्थापना से नवादा में एक बार फिर गन्ने की मिठास लौटेगी। प्रस्तावित चीनी मिल में 500 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश होने की संभावना है। इससे नवादा के साथ नालंदा, शेखपुरा और जमुई के हजारों किसानों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। मंत्रिपरिषद ने पशुपालकों को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना को भी स्वीकृति दी है।

योजना के तहत बैंक ऋण के ब्याज पर 100 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। इसके चलते लाभुकों को केवल मूलधन का भुगतान करना होगा। सरकार के अनुसार, तीन उन्नत नस्ल की गाय या दो भैंस के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के अवसर और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। योजना के लिए 1,600 करोड़ रुपए से अधिक की स्वीकृति दी गई है। वहीं, कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास को गति देने के लिए आठ परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

इसके तहत 500 नई दुग्ध सहकारी समितियों के गठन के साथ डेयरी, मिल्क चिलिंग और बल्क मिल्क कूलिंग यूनिट (बीएमसीयू) जैसी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। इन परियोजनाओं के लिए 126.07 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्रिपरिषद ने पटना में मां सीता महिला विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी है। विश्वविद्यालय के संचालन के लिए पदाधिकारियों और कर्मियों के वेतन आदि से संबंधित प्रशासनिक स्वीकृति भी दी गई है।

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती के अवसर पर मंत्रिपरिषद ने बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को स्वीकृति प्रदान की। विश्वविद्यालय की स्थापना के क्रम में पदाधिकारियों एवं कर्मियों के वेतन आदि के लिए 15 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिनकर की साहित्यिक और राष्ट्रचेतना की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में विश्वविद्यालय की स्थापना महत्वपूर्ण पहल है। सरकार के अनुसार, कैबिनेट के अन्य फैसलों का उद्देश्य भी कृषि, पशुपालन, डेयरी, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना है।

--आईएएनएस

एमएनपी/डीकेपी

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