बिहार: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में महापंचायत, नेता बोले- दोषी बख्शे नहीं जाएंगे
पटना, 24 जून (आईएएनएस)। बिहार में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मामले में न्याय की मांग और बढ़ते जन-समर्थन के बीच बिलौटी गांव में सर्व समाज महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। वहीं आरा में भी इसी मुद्दे को लेकर महापंचायत आयोजित हुई, जिससे राजनीतिक एवं सामाजिक माहौल और अधिक गरम हो गया है।
आरा में हुई महापंचायत के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे। उन्होंने कहा कि मामले से जुड़े सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
इसी मामले पर पटना में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस विषय पर फिलहाल उनका कोई टिप्पणी करना उचित नहीं होगा, क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही न्यायिक जांच के आदेश दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस समय कोई भी बयान जांच प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है, इसलिए सभी को संयम रखना चाहिए।
वहीं, बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सरकार ने मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू कर दी है और न्यायिक जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया एसडीपीओ और थानेदार की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इसी बीच मंत्री अशोक चौधरी ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस पूरे मामले से उनका कोई सीधा संबंध नहीं है। लोग अपनी भावनाएं और विचार व्यक्त कर रहे हैं, यह ठीक है।
--आईएएनएस
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