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जो बिगड़ा उसे सैनिक ठीक नहीं कर सकते, हो जाएंगे भ्रम का शिकार: गलीबाफ

तेहरान, 25 मार्च (आईएएनएस)। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी सैनिकों के नाम एक पैगाम भेजा है। ऐसा जिसमें नसीहत कम चेतावनी का पुट ज्यादा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अपनी बात कही है।
जो बिगड़ा उसे सैनिक ठीक नहीं कर सकते, हो जाएंगे भ्रम का शिकार: गलीबाफ

तेहरान, 25 मार्च (आईएएनएस)। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी सैनिकों के नाम एक पैगाम भेजा है। ऐसा जिसमें नसीहत कम चेतावनी का पुट ज्यादा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अपनी बात कही है।

दावा किया है कि ईरान सतर्क हैं। अमेरिका की हर गतिविधि, खासकर सैनिकों की तैनाती, पर करीब से नजर बनाए हुए हैं।

उन्होंने लिखा, “जनरलों ने जो नुकसान किया है, उसे सैनिक ठीक नहीं कर सकते। वे भ्रम का शिकार हो जाएंगे। हमारे इरादे परखने की कोशिश न करें।”

दरअसल, विभिन्न विदेशी मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया है कि अमेरिका के 1,000 से अधिक सैनिकों की तैनाती मध्य पूर्व में की जा रही है।

वैसे, गालीबाफ अपने सख्त तेवरों के लिए पिछले कुछ दिनों से काफी चर्चा में हैं। वो एक्स के माध्यम से अपनी बात बेबाकी से रखते हैं। हालांकि ट्रंप ने जब 'सकारात्मक और रचनात्मक संवाद' का जिक्र किया तो कयास लगाया जाने लगा कि ये गालीबाफ के लिए ही कहा जा रहा है। हालांकि कुछ ही घंटों में उन्होंने इससे किनारा कर अमेरिकी राष्ट्रपति के दावे को फेक न्यूज का टैग दे दिया।

उन्होंने ट्रंप पर तंज कसते हुए ईरान के पक्के इरादे का जिक्र किया। एक्स पर लिखा—ईरानी जनता हमलावरों के खिलाफ सख्त और दंडात्मक कार्रवाई चाहती है। जब तक इसे हासिल नहीं कर लेते, सभी ईरानी अधिकारी अपने सुप्रीम लीडर और लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

फिर 'फेक न्यूज' वाली बात कही। लिखा-अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है, और फेक न्यूज का इस्तेमाल वित्तीय और तेल बाजारों में हेरफेर करने और उस दलदल से बचने के लिए किया जाता है जिसमें यूएस और इजरायल फंसे हुए हैं।

इससे पहले ट्रंप ने 48 घंटे के अल्टीमेटम की समाप्ति से पहले ट्रुथ पर लिखा था कि क्योंकि बात सकारात्मक रूप ले चुकी है इसलिए 5 दिन तक हम ईरानी ऊर्जा संयंत्रों पर हमला टाल रहे हैं।

--आईएएनएस

केआर/

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