DGP की रेस में बड़ा उलटफेर: सुप्रीम कोर्ट के पेच में फंसे कुंदन कृष्णन, दौड़ में बने हुए हैं 3 IPS अधिकारी
बिहार में नए DGP की नियुक्ति को लेकर हलचल तेज हो गई है। मौजूदा DGP विनय कुमार के अचानक पद से हटने और मुख्य सूचना आयुक्त बनाए जाने के बाद नए पुलिस प्रमुख की तलाश शुरू हो गई है। अब DGP की रेस में कई वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1994 बैच के IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन का नाम भी प्रमुख दावेदारों में शामिल है। कुंदन कृष्णन फिलहाल DGP ऑपरेशंस, STF और स्पेशल ब्रांच से जुड़े महत्वपूर्ण पद पर हैं। इससे पहले वह बिहार पुलिस मुख्यालय में ADG हेडक्वार्टर और ADG ऑपरेशंस जैसी जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
हालांकि DGP की नियुक्ति का रास्ता इतना सीधा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत DGP के चयन में UPSC की भूमिका होती है। वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड और पुलिस फोर्स को नेतृत्व देने का अनुभव जैसे पहलुओं के आधार पर अधिकारियों का पैनल तैयार किया जाता है। इसके बाद राज्य सरकार पैनल में शामिल अधिकारियों में से DGP का चयन करती है।
मौजूदा स्थिति में कुंदन कृष्णन के अलावा 1993 बैच के जितेंद्र कुमार और 1994 बैच के अमित कुमार के नाम भी पहले से चर्चा में रहे हैं। वहीं नई प्रक्रिया में प्रीता वर्मा, बी. श्रीनिवासन और जितेंद्र सिंह गंगवार जैसे वरिष्ठ IPS अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं। यानी अंतिम पैनल में कौन-कौन अधिकारी पहुंचेंगे, यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बिहार सरकार के गृह विभाग ने 30 साल की सेवा पूरी कर चुके IPS अधिकारियों की सूची आगे की प्रक्रिया के लिए भेजी है। रिपोर्ट्स के अनुसार UPSC इस सूची पर विचार करने के बाद तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेज सकता है। इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से अंतिम चयन किया जाएगा।ऐसे में बिहार पुलिस के अगले बॉस को लेकर मुकाबला अब वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड, अनुभव और UPSC की प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ेगा। अभी किसी एक अधिकारी के नाम पर अंतिम मुहर नहीं लगी है।

