कुलगाम आतंकी हमले के बाद बड़ा सुरक्षा प्लान: कश्मीर में प्रवासी मजदूरों के लिए बनेंगे क्लस्टर, वीडियो में जाने पुलिस सत्यापन होगा अनिवार्य
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में चार दिन पहले दो बाहरी मजदूरों की आतंकियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद प्रशासन ने घाटी में रह रहे प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए नई रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर घाटी में इस समय करीब चार लाख प्रवासी मजदूर विभिन्न जिलों में काम कर रहे हैं। इन्हीं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने कई अहम निर्देशों पर विचार किया है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
प्रवासी मजदूरों के लिए बनाए जाएंगे सुरक्षा क्लस्टर
प्रशासन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नई रणनीति के तहत घाटी में अलग-अलग और असुरक्षित स्थानों पर ह रहे बाहरी मजदूरों को एक जगह व्यवस्थित तरीके से ठहराया जाएगा। इसके लिए विशेष "क्लस्टर" विकसित किए जाएंगे, जहां सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी और निगरानी आसान हो सकेगी।अधिकारियों का मानना है कि मजदूरों के बिखरे हुए रहने की स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण होता है। क्लस्टर व्यवस्था लागू होने से सुरक्षा एजेंसियों को निगरानी और त्वरित कार्रवाई में सुविधा मिलेगी।
हर नए मजदूर का पुलिस सत्यापन होगा
नई सुरक्षा योजना के तहत घाटी में काम के लिए आने वाले प्रत्येक नए प्रवासी मजदूर को अपने नजदीकी पुलिस थाने में जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके बाद पुलिस उस स्थान का सुरक्षा सत्यापन करेगी, जहां मजदूर रहने वाला है।सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संबंधित मजदूर को वहां रहने की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों के पास भी अद्यतन जानकारी उपलब्ध रहेगी।
कुलगाम हमले के बाद बढ़ी सतर्कता
हाल ही में कुलगाम में आतंकियों ने दो बाहरी मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में तलाशी अभियान तेज कर दिया है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।प्रशासन का कहना है कि घाटी में काम करने आने वाले मजदूरों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से नई सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां रखेंगी लगातार निगरानी
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने के बाद प्रवासी मजदूरों के रहने वाले क्लस्टरों की नियमित निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर सुरक्षा समीक्षा भी करेंगी, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

