राजस्थान में ठगी गिरोह का बड़ा खुलासा: दो साल से सक्रिय नेटवर्क पर दिल्ली-जोधपुर-सीकर में छापेमारी
राजस्थान में साइबर और आर्थिक अपराध से जुड़ा एक संगठित ठगी गिरोह पिछले दो साल से सक्रिय होने का मामला सामने आया है। यह गिरोह व्यापारियों की जानकारी में हेरफेर कर धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दे रहा था।
सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था और व्यापारिक रिकॉर्ड या डाटा में बदलाव कर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह ने कई राज्यों में अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रखा था।
इस पूरे मामले के उजागर होने के बाद अब दिल्ली, जोधपुर और सीकर में एक साथ छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियां आरोपियों की पहचान, उनके नेटवर्क और फंड ट्रेल को खंगालने में जुटी हुई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर व्यापारियों की जानकारी में बदलाव करता था, जिससे भुगतान और लेन-देन में गड़बड़ी पैदा होती थी। इसी के आधार पर ठगी को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में लगी हैं कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और इसका संचालन कहां से किया जा रहा था। कई संदिग्धों से पूछताछ भी जारी है।
जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ बताया जा रहा है।
स्थानीय स्तर पर इस तरह की ठगी की घटनाओं के सामने आने के बाद व्यापारियों में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध लेन-देन की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
कुल मिलाकर, दो साल से सक्रिय इस ठगी गिरोह के खिलाफ चल रही कार्रवाई को एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जो साइबर और आर्थिक अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

