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जम्मू-कश्मीर में NC को बड़ा झटका, सांसद रुहुल्लाह महेंदी आज पार्टी और लोकसभा से इस्तीफे का करेंगे ऐलान, वीडियो में देंखे 25 विधायकों ने भी दिया अल्टीमेटम

जम्मू-कश्मीर में NC को बड़ा झटका, सांसद रुहुल्लाह महेंदी आज पार्टी और लोकसभा से इस्तीफे का करेंगे ऐलान, वीडियो में देंखे 25 विधायकों ने भी दिया अल्टीमेटम

जम्मू-कश्मीर की सियासत में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आ गई है। श्रीनगर से सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह महेंदी मंगलवार को पार्टी छोड़ने और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर सकते हैं। वह बडगाम में अपने पिता आगा सैयद महेंदी की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित जनसभा में यह घोषणा करेंगे।

रुहुल्लाह महेंदी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला पर जनता से किए गए वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान धारा 370 को लेकर किए गए वादों पर आगे नहीं बढ़ रहा है।इसी बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस के 25 विधायकों ने भी पार्टी नेतृत्व को 14 दिन का अल्टीमेटम दिया है। विधायकों ने मांगें पूरी नहीं होने पर सरकार से समर्थन वापस लेने की चेतावनी दी है। इन घटनाओं से पार्टी के भीतर नेतृत्व और सरकार को लेकर असंतोष सामने आया है।

बडगाम की जनसभा में इस्तीफे का ऐलान करेंगे रुहुल्लाह

श्रीनगर के सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह महेंदी मंगलवार को बडगाम में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। यह सभा उनके पिता आगा सैयद महेंदी की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर रखी गई है।इसी मंच से वह नेशनल कॉन्फ्रेंस छोड़ने और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर सकते हैं। रुहुल्लाह का आरोप है कि मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान धारा 370 को लेकर जनता से जो वादे किए थे, अब उनसे पीछे हट रहे हैं।रुहुल्लाह बडगाम विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। साल 2024 में उन्होंने श्रीनगर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर संसद में प्रवेश किया था।

25 विधायकों ने पार्टी नेतृत्व को दिया 14 दिन का अल्टीमेटम

नेशनल कॉन्फ्रेंस के भीतर नाराजगी केवल सांसद रुहुल्लाह तक सीमित नहीं है। रविवार को पार्टी के 25 विधायकों ने बैठक कर नेतृत्व के सामने अपनी मांगें रखीं। विधायकों ने मांगें पूरी करने के लिए 14 दिन का समय दिया है।उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि तय समय में उनकी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला तो वे सरकार से समर्थन वापस लेने पर विचार कर सकते हैं। इस घटनाक्रम से जम्मू-कश्मीर की सरकार के सामने राजनीतिक चुनौती खड़ी हो सकती है।

चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल करेगा फारूक और उमर अब्दुल्ला से मुलाकात

विधायकों की बैठक में चार सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल बनाने का फैसला भी किया गया। इसकी अगुआई पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुरेज के विधायक नजीर अहमद गुरेजी तथा थानामंडी के विधायक मुजफ्फर इकबाल खान करेंगे।यह प्रतिनिधिमंडल पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात करेगा। इस दौरान विधायकों की मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा जाएगा।

नेतृत्व के जवाब के बाद तय होगी आगे की रणनीति

बैठक में विधायकों ने फिलहाल पार्टी नेतृत्व के जवाब का इंतजार करने का फैसला किया है। प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगें नेतृत्व के सामने रखेगा। इसके बाद मिलने वाले जवाब के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।एक तरफ सांसद रुहुल्लाह महेंदी के पार्टी और लोकसभा से इस्तीफे के ऐलान की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ 25 विधायकों ने सरकार से समर्थन वापस लेने की चेतावनी दी है। ऐसे में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सामने संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर राजनीतिक चुनौती खड़ी होती दिख रही है।

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