भुवनेश्वर में ईडी की बड़ी कार्रवाई, मां तारिणी इंडस्ट्रीज मामले में 24.60 करोड़ की संपत्ति जब्त
भुवनेश्वर, 3 नवंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भुवनेश्वर जोनल ऑफिस ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए, धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 24.60 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त किया है।
यह मामला मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (एमआईएलटी) और अन्य से जुड़ा है। जब्त की गई संपत्ति में ओडिशा के राउरकेला के छेंड स्थित प्लूटो प्लाजा मॉल का ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर और सेकंड फ्लोर का हिस्सा शामिल है, जो प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर है और श्री हनुमान खेदड़िया द्वारा नियंत्रित कंपनी है।
ईडी की ओर से यह जांच सीबीआई, एसीबी, भुवनेश्वर द्वारा भारतीय दंड संहिता, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के विभिन्न प्रावधानों के तहत मां तारिणी इंडस्ट्रीज लिमिटेड, उसके निदेशकों और पीईसी लिमिटेड के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी।
आरोप था कि एमआईएलटी ने पीईसी लिमिटेड के कुछ अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके अपनी वित्तीय स्थिति को गलत तरीके से पेश करके और अपनी संपत्तियों पर मौजूदा प्रभारों को छिपाकर लौह अयस्क की खरीद के लिए 19.40 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता धोखाधड़ी से प्राप्त की।
वहीं, एक संबंधित कंपनी तथागत एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (टीईपीएल) ने भी पीईसी लिमिटेड से 16 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता ली थी। जब लोन एनपीए बना तो पीईसी लिमिटेड की कुल बकाया देनदारी ब्याज सहित लगभग 56.89 करोड़ रुपए थी।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि पीईसी लिमिटेड से प्राप्त धन को एमआईएलटी और टीईपीएल के बैंक खातों के माध्यम से डायवर्ट किया गया और एमआईएलटी के पूर्व शेयरधारकों, जिनमें श्री हनुमान खेदड़िया भी शामिल थे, को शेयर खरीद के भुगतान के लिए इस्तेमाल किया गया।
जांच में आगे पता चला कि खेदड़िया और उनकी सहयोगी संस्थाओं ने लगभग 15.31 करोड़ रुपए की अपराध से प्राप्त आय प्राप्त की, जो आनुपातिक ब्याज घटक के साथ 24.60 करोड़ रुपए हो गई। इन फंड्स को बाद में विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से रूट किया गया और नकद निकासी, निवेश और व्यावसायिक खर्चों सहित विभिन्न उद्देश्यों के लिए उपयोग किया गया।
इसके बाद प्लूटो प्लाजा प्राइवेट लिमिटेड की 24.60 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति को पीएमएलए, 2002 के तहत अपराध से प्राप्त आय के मूल्य के बराबर के रूप में अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। ईडी की ओर से इस मामले से संबंधित आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।
--आईएएनएस
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