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भोपाल के स्लाॅटर हाउस में गोमांस मिलने की जांच हो: जीतू पटवारी

भोपाल, 12 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल के स्लाॅटर हाउस से जब्त किए गए गोमांस की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
भोपाल के स्लाॅटर हाउस में गोमांस मिलने की जांच हो: जीतू पटवारी

भोपाल, 12 जनवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल के स्लाॅटर हाउस से जब्त किए गए गोमांस की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।

कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष पटवारी ने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि गोमाता के नाम पर भारतीय जनता पार्टी और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार ने प्रदेश की जनता के साथ सबसे बड़ा धोखा किया है। जो लोग खुद को गोरक्षक बताते नहीं थकते, वही लोग आज गोहत्या, गोमांस के व्यापार और उससे जुड़े टैक्स में पूरी तरह शामिल हैं।

पिछले दिनों भोपाल के स्लाॅटर हाउस में गो मांस पकड़े जाने का जिक्र करते हुए पटवारी ने कहा कि भोपाल नगर निगम भाजपा के अधीन है और उसी भोपाल के स्लॉटर हाउस में टनों में गाय के अवशेष मिले हैं। इससे यह साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री के दावे झूठे थे और भाजपा की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। सच्चाई यह है कि गाय के मांस पर शून्य प्रतिशत टैक्स इसलिए लगाया गया, क्योंकि भाजपा की सोच और भाजपा की सरकार इस पूरे व्यापार में शामिल है।

जीतू पटवारी ने मांग की है कि इंदौर नगर निगम गोशाला में 15 गायों की मौत की न्यायिक जांच की जाए। गो-मांस के शून्य प्रतिशत टैक्स के निर्णय को तत्काल वापस लिया जाए। प्रदेश की सभी गोशालाओं और निर्वासित गोवंश पर श्वेत-पत्र जारी किया जाए।

केंद्र सरकार गोमांस निर्यात पर देश के सामने सच्चाई रखे और जवाबदेही तय करे। पटवारी ने कहा कि भाजपा के लोग न केवल गाय की रक्षा करने में विफल रहे हैं, बल्कि गाय की हत्या और मांस के व्यापार को भी बढ़ावा दे रहे हैं और उस पर शून्य प्रतिशत टैक्स लगाकर मुनाफा कमा रहे हैं। इंदौर नगर निगम भाजपा के नियंत्रण में है, जहां एक ओर जहरीले पानी से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है।

वहीं उसी नगर निगम के अंतर्गत आने वाली गोशालाओं में गायें मर रही हैं। यह केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गो राजनीति करती है, लेकिन उसका असली चेहरा भोपाल के स्लॉटर हाउस और इंदौर की नगर निगम गोशालाओं में साफ दिखाई देता है। ये लोग गाय के नाम पर वोट लेते हैं, लेकिन न तो गाय की रक्षा करते हैं और न ही गोमाता के सम्मान की कोई चिंता करते हैं, बल्कि मांस के व्यापार से मुनाफा कमाते हैं।

--आईएएनएस

एसएनपी/वीसी

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