भोजशाला पर हाईकोर्ट के फैसले पर भाजपा नेताओं ने जताई खुशी, बोले-यह सनातन संस्कृति की जीत
नई दिल्ली, 16 मई (आईएएनएस)। भोजशाला को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के फैसले का भाजपा नेताओं ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक फैसला बताते हुए कहा कि यह राजा भोज और मां सरस्वती से जुड़ी सनातन परंपरा की पुनर्स्थापना है।
भाजपा सांसद कमलजीत सहरावत ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "हर धार्मिक स्थल का अपना महत्व होता है। धार में राजा भोज और मां सरस्वती की पूजा से जुड़ा यह स्थान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया है, जो सराहनीय है।"
झारखंड के भाजपा विधायक सी.पी. सिंह ने रांची में कहा, "यह मामला लंबे समय से चल रहा था। भोजशाला राजा भोज के काल से है। मुगलकाल में कई मंदिरों और सांस्कृतिक स्थलों को बदला गया था। धार में भी यही हुआ। अब कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर कहा कि यह हिंदू मंदिर है और वहां पूजा का अधिकार है। यह हमारी संस्कृति का मंदिर है।"
भाजपा विधायक ओम प्रकाश ने फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, "हाईकोर्ट ने सभी पहलुओं को देखते हुए यह निर्णय लिया है। भविष्य को भी ध्यान में रखा गया है। यह मां सरस्वती का बहुत पुराना मंदिर है। कोर्ट ने हिंदुओं को पूजा का पूरा अधिकार दे दिया है। साथ ही मुसलमानों को नमाज पढ़ने के लिए अलग जमीन दिए जाने की बात कही है। कोर्ट ने दोनों पक्षों को ध्यान में रखकर संतुलित फैसला सुनाया है। इस फैसले के लिए कोर्ट का जितना धन्यवाद दिया जाए, कम है।"
उत्तर प्रदेश के मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने लखनऊ में कहा, "यह सनातन धर्म के लिए अत्यंत हर्ष और सम्मान का विषय है। हाईकोर्ट ने निष्पक्ष भाव से फैसला सुनाया है। इस निर्णय से हमारी आस्था की पुष्टि हुई है। यह गर्व की बात है।"
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा इस फैसले में बाबरी मस्जिद मामले जैसी समानताएं बताए जाने पर मंत्री सुरेंद्र दिलेर ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "अगर एक वकील के रूप में वह हाईकोर्ट के फैसले पर ऐसी टिप्पणियां कर रहे हैं, तो लगता है कि वे खुद लोकतंत्र के खिलाफ बोल रहे हैं।"
कोर्ट के इस फैसले के बाद देशभर में चर्चा तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह फैसला ऐतिहासिक साक्ष्यों, पुरातात्विक महत्व और कानूनी प्रक्रिया पर आधारित है। वहीं, कुछ मुस्लिम संगठनों ने फैसले पर असहमति जताई है।
--आईएएनएस
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