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भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और पति पर 11.5 करोड़ रुपए ठगी का आरोप, मामला दर्ज

मुंबई, 30 जनवरी (आईएएनएस)। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और उनके पति पर 11.5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। मुंबई के पंतनगर पुलिस स्टेशन में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और पति पर 11.5 करोड़ रुपए ठगी का आरोप, मामला दर्ज

मुंबई, 30 जनवरी (आईएएनएस)। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री की अभिनेत्री आकांक्षा अवस्थी और उनके पति पर 11.5 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। मुंबई के पंतनगर पुलिस स्टेशन में इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित हितेश कांतिलाल अजमेरा सीमा शुल्क निकासी के व्यवसाय से जुड़े हैं, उन्होंने शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि आकांक्षा अवस्थी, उनके पति विवेक कुमार उर्फ अभिषेक कुमार सिंह चौहान और साथियों ने फिल्म इंडस्ट्री में मजबूत कनेक्शन और भारी मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से पैसे ऐंठे।

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने खुद को फिल्म इंडस्ट्री में प्रभावशाली बताया। अभिनेत्री आकांक्षा ने अंधेरी (पश्चिम) में स्थित अपने फिल्म स्टूडियो 'एकेएस पाठशाला एंटरटेनमेंट' का दावा किया, जहां भोजपुरी फिल्मों की शूटिंग और नए कलाकारों की ट्रेनिंग होती है। उन्होंने स्टूडियो के मालिकाना हक, शोहरत और 200 करोड़ रुपए के ब्याज-मुक्त लोन का वादा किया।

यही नहीं, अभिनेत्री के पति विवेक कुमार ने बिहार के बेतिया (पश्चिम चंपारण) में एक गोदाम में 300 करोड़ रुपए नकद फंसे होने की कहानी सुनाई। उन्होंने कहा कि कानूनी कारणों से पैसा नहीं निकाला जा सकता और उसे छुड़ाने के लिए निवेश चाहिए। बदले में चार दिन में 200 करोड़ रुपए बिना ब्याज लौटाने का भरोसा दिया गया। इसके लिए अभिनेत्री ने खुद पीड़ित को आश्वासन दिया।

जानकारी के अनुसार, मार्च से जुलाई 2024 के बीच पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 11.5 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। भरोसा मजबूत करने के लिए उन्हें पटना ले जाया गया और कथित गोदाम से जुड़े दस्तावेज दिखाए गए। बेतिया जाने की योजना भी बनाई गई। 5 जुलाई साल 2024 को बेतिया जाते समय विवेक कुमार मिठाई लेने के बहाने कार से उतरे और फिर गायब हो गए। उनका मोबाइल बंद हो गया। कुछ दिनों तक आरोपी बहाने बनाते रहे, लेकिन बाद में सभी संपर्क से गायब हो गए।

पीड़ित ने बताया कि भारी आर्थिक नुकसान और मानसिक तनाव से उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिस कारण शिकायत में देरी हुई। आखिरकार 28 जनवरी को एफआईआर हुई। वहीं, पुलिस बैंक ट्रांजेक्शन, कथित स्टूडियो, दिखाए गए दस्तावेजों और आरोपियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। मामले की जांच अब आर्थिक अपराध शाखा को सौंपी गई है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

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