Samachar Nama
×

भस्म आरती में हुए बाबा के अद्भुत दर्शन, उमड़ा आस्था का सैलाब

उज्जैन, 20 मई (आईएएनएस)। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध उज्जैन महाकालेश्वर में बुधवार तड़के बाबा की भव्य भस्म आरती देखने का मौका मिला। देश-विदेश से आए श्रृद्धालु बाबा की एक झलक पाने के लिए मंगलवार देर रात से ही लंबी लाइनों में लगे हुए थे।
भस्म आरती में हुए बाबा के अद्भुत दर्शन, उमड़ा आस्था का सैलाब

उज्जैन, 20 मई (आईएएनएस)। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध उज्जैन महाकालेश्वर में बुधवार तड़के बाबा की भव्य भस्म आरती देखने का मौका मिला। देश-विदेश से आए श्रृद्धालु बाबा की एक झलक पाने के लिए मंगलवार देर रात से ही लंबी लाइनों में लगे हुए थे।

बुधवार की भस्म आरती में बाबा के निराकार और साकार रूप के दर्शन कर भक्तों का मन आनंदमय हो गया और दर्शन मिलते ही पूरे मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।

सबसे पहले वीरभद्र से आज्ञा लेकर मंदिर के कपाट खोले गए और फिर बाबा को हरिओम जल चढ़ाया गया। हरिओम जल कोटितीर्थ कुंड से लाया जाता है, जो मंदिर परिसर के भीतर ही बना है। इसके बाद पंचामृत से अभिषेक किया गया और भांग और सूखे मेवे से महाकाल का शृंगार किया गया। बाबा के मस्तक पर बेलपत्र और चंद्र, बाबा को धारण कराए गए त्रिपुर तिलक और वस्त्र उड़ाने के बाद भस्म आरती संपन्न हुई।

लंबी-लंबी कतारों में लगे श्रृद्धालु भस्म आरती में शामिल हुए और बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। बाबा का निराकार रूप जन्म और मृत्यु के परे माना जाता है लेकिन बाबा का साकार रूप सांसारिक होता है। बाबा के ये दोनों रूप संसार के दो अलग-अलग पहलुओं को दिखाते हैं।

वहीं, भस्म आरती में महिलाओं और पुरुषों के शामिल होने के भी कुछ नियम होते हैं। इसमें जहां पुरुषों को धोती और अंगवस्त्र (कुर्ता-पैंट मान्य नहीं) और महिलाओं के लिए साड़ी पहनना अनिवार्य है।

प्राचीन काल में चिता की भस्म का उपयोग किया जाता था लेकिन वर्तमान में पूर्ण स्वच्छता और पवित्रता का ध्यान रखते हुए इसे विशेष रूप से तैयार किए गए शुद्ध गाय के गोबर (उपले) से बनाया जाता है। इन कण्डों को आम, पीपल या पलाश की पवित्र लकड़ियों और कपूर की मदद से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अग्नि में जलाया जाता है।

भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग एक दिन पहले की जा सकेगी। पहले भक्त मंदिर के काउंटर पर पहुंचकर भस्म आरती की टिकट लेते थे लेकिन अब एक दिन पहले सीमित शुल्क के साथ भस्म आरती की टिकट ली जा सकती हैं।

--आईएएनएस

एनएस/पीएम

Share this story

Tags