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भारतीय सेना ने टेलीस्कोपिक हैंडलर की खरीद के लिए किया पहला पूंजीगत खरीद अनुबंध

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय सेना ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेईएम) के माध्यम से अपना पहला पूंजीगत खरीद अनुबंध पूरा किया है, जो रक्षा अधिग्रहण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बाय (इंडियन) श्रेणी के तहत 93 टेलीस्कोपिक हैंडलर की आपूर्ति के लिए मेसर्स जेसीबी इंडिया लिमिटेड के साथ 25.90 करोड़ रुपये की कुल लागत पर अनुबंध किया गया है।
भारतीय सेना ने टेलीस्कोपिक हैंडलर की खरीद के लिए किया पहला पूंजीगत खरीद अनुबंध

नई दिल्ली, 28 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय सेना ने सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेईएम) के माध्यम से अपना पहला पूंजीगत खरीद अनुबंध पूरा किया है, जो रक्षा अधिग्रहण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बाय (इंडियन) श्रेणी के तहत 93 टेलीस्कोपिक हैंडलर की आपूर्ति के लिए मेसर्स जेसीबी इंडिया लिमिटेड के साथ 25.90 करोड़ रुपये की कुल लागत पर अनुबंध किया गया है।

यह अभूतपूर्व खरीद जेईएम पोर्टल का उपयोग करके पूंजीगत खरीद के लिए सेना की अधिग्रहण प्रक्रिया में एक क्रांतिकारी बदलाव को दर्शाती है। इस पहल से निर्धारित प्रक्रियाओं का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए और प्रक्रियात्मक अखंडता बनाए रखते हुए खरीद की समयसीमा में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। इस पारदर्शी, कुशल और प्रौद्योगिकी-आधारित मार्ग को अपनाकर भारतीय सेना ने महत्वपूर्ण उपकरणों की तीव्र और सुव्यवस्थित खरीद के लिए एक नया मार्ग प्रशस्त किया है।

जेईएम के माध्यम से इसी तरह की खरीद करने के लिए इस कदम का व्यापक संस्थागत महत्व भी है। व्यापक स्तर पर, यह रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार के प्रयासों को सुदृढ़ करता है और सशस्त्र बलों की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने में भारतीय उद्योग की अधिक भागीदारी को बढ़ावा देता है। इन टेलीस्कोपिक हैंडलर्स की खरीद से विभिन्न परिचालन परिवेशों में भारतीय सेना की रसद और सामग्री प्रबंधन क्षमताओं में और वृद्धि होगी।

गौरतलब है कि 27 मार्च को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) की बैठक में करीब 2.38 लाख करोड़ रुपए के सैन्य उपकरण खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, एयर डिफेंस ट्रैक्ड सिस्टम, आर्मर पियर्सिंग टैंक गोला-बारूद, हाई कैपेसिटी रेडियो रिले, धनुष गन सिस्टम और रनवे इंडिपेंडेंट एरियल सर्विलांस सिस्टम खरीदे जाएंगे।

भारतीय तटरक्षक बल (कोस्ट गार्ड) के लिए हैवी ड्यूटी एयर कुशन व्हीकल्स (एसीवी) की खरीद को मंजूरी दी गई है। इनका इस्तेमाल तटीय इलाकों में गश्त, निगरानी, सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में डीएसी ने अब तक 55 प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनकी कुल कीमत 6.73 लाख करोड़ रुपए है।

--आईएएनएस

ओपी/पीएम

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